

बिना लाइसेंस के चल रहे क्लिनिक को किया जाएगा सील





1500 से अधिक हॉस्पिटल, लैब की जानकारी विभाग ने दी है डीसी को
क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट का सख्ती से पालन कराने का निर्देश
विवेक शर्मा
रांची: स्वास्थ्य विभाग ने बिना रजिस्ट्रेशन के घर पर मरीज देखने वाले डॉक्टरों और बिना लाइसेंस संचालित क्लीनिकों पर शिकंजा कसने की तैयारी पूरी कर ली है। डिस्ट्रिक्ट हेल्थ डिपार्टमेंट ने क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट का सख्ती से पालन कराने के लिए कमर कस ली है और आने वाले दिनों में अवैध रूप से चल रहे सेंटरों के खिलाफ छापेमारी अभियान तेज किया जाएगा। इतना ही नहीं नियमों का उल्लंघन कर बिना वैध लाइसेंस के चल रहे क्लीनिकों को चिन्हित कर सील किया जाएगा।
घर पर क्लिनिक चलाने वालों की खैर नहीं
विभाग की इस सख्ती के दायरे में अब वे डॉक्टर भी आएंगे जो बिना अनुमति के अपने घरों में ही मरीजों का इलाज कर रहे हैं, क्योंकि क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत उन्हें भी नियमानुसार लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। इस दिशा में कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिले के 1500 से अधिक अस्पतालों, पैथोलॉजी लैबों और क्लीनिकों की विस्तृत सूची और जानकारी डिप्टी कमिश्नर रांची को सौंप दी है। डीसी के स्पष्ट निर्देशों के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम बिना लाइसेंस चल रहे सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर कड़ी कार्रवाई करने जा रही है, ताकि मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले गैर-कानूनी सेंटरों पर पूरी तरह से नकेल कसी जा सके।
रेडियोलॉजी सेंटर के लिए डॉक्टर का रजिस्ट्रेशन भी जरूरी
शहर में चल रहे रेडियोलॉजी सेंटर के लिए भी डॉक्टर का रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है। इसके अलावा टेस्ट के दौरान डॉक्टर को भी केंद्र पर मौजूद रहना है। जिससे कि मरीजों की जांच में किसी तरह की गड़बड़ी की संभावना न हो। स्वास्थ्य विभाग की पिछले दिनों की गई कार्रवाई में बरियातू स्थित फर्स्ट पॉइंट सेंटर को सील कर दिया गया। चूंकि वहां पर डॉक्टर मौजूद नहीं थे। वहीं एक्सपर्ट्स की माने तो रेडियोलॉजी सेंटर में ड्यूटी करने वाले डॉक्टर को पीसी पीएनडीटी एक्ट के तहत भी रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है।
डीपीएम रांची प्रवीण कुमार ने बताया कहीं भी डॉक्टर अगर मरीजों को देख रहे है तो उन्हें क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। हम लोग कार्रवाई कर रहे हैं। अगर आपके आसपास भी ऐसा कोई सेंटर या क्लीनिक बिना लाइसेंस के चल रहा है तो इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दे सकते है।
