
RIMS Hospital Inspection : रिम्स निदेशक प्रो. डॉ. डी. के. सिन्हा आज पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आए। मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं को दुरुस्त करने के उद्देश्य से निदेशक ने आज संस्थान के सेंट्रल किचन और मेडिसिन विभाग का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. हिरेन्द्र बिरुआ सहित संस्थान के कई वरीय पदाधिकारी भी मौजूद रहे। निदेशक अचानक रिम्स के सेंट्रल किचन पहुंचे।
उन्होंने भोजन तैयार करने की प्रक्रिया, स्वच्छता, खाद्य सामग्री के भंडारण और मरीजों को दी जाने वाली भोजन की मात्रा की बारीकी से जांच की। निरीक्षण के दौरान रसोईघर के कुछ हिस्सों में गंदगी और अव्यवस्था पाए जाने पर निदेशक ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित एजेंसी और अधिकारियों को फटकार लगाई।
साथ ही कहा कि मरीजों के स्वास्थ्य और उनके भोजन की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रसोईघर में साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा के मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें।
निदेशक ने कर्मचारियों के अटेंडेंस रजिस्टर की भी जांच की और रिकॉर्ड को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मेडिसिन विभाग के डॉक्टरों से की चर्चा
सेंट्रल किचन के बाद निदेशक टीम के साथ सीधे मेडिसिन विभाग पहुंच गए। औचक निरीक्षण के दौरान विभाग के एचओडी अवकाश पर पाए गए। निदेशक ने मौके पर मौजूद चिकित्सकों और संकाय सदस्यों से विभाग की कार्यप्रणाली, उपलब्ध संसाधनों और मरीजों की बढ़ती संख्या से जुड़ी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की।
चिकित्सकों को संवेदनशील होकर मरीजों का इलाज करने का निर्देश देते हुए निदेशक प्रो. डॉ. डी. के. सिन्हा ने कहा मेडिसिन विभाग किसी भी अस्पताल की रीढ़ होता है। रिम्स में आने वाले अधिकांश मरीजों के इलाज की शुरुआत इसी विभाग से होती है, इसलिए इसका सुदृढ़ और संसाधन-संपन्न होना बेहद जरूरी है।
प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि अस्पताल में भर्ती हर मरीज को तय मानकों के अनुसार पौष्टिक भोजन और समयबद्ध, उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवा प्रदान करना संस्थान की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

