अज्ञात स्रोतों से मिले सुझावों, सोशल मीडिया पर दी जा रही सलाह से सावधान रहें निवेशक: सेबी चेयरमैन

सेबी अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे ने निवेशकों को अज्ञात सुझावों और सोशल मीडिया सलाहकारों से सावधान रहने की सलाह दी। पंजाब विश्वविद्यालय में 'प्रोजेक्ट अवेयर' का शुभारंभ।

Razi Ahmad
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चंडीगढ़: भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने सोमवार को निवेशकों को अज्ञात स्रोतों से मिलने वाली निवेश सलाह, सोशल मीडिया पर वित्तीय सलाह देने वालों और रिटर्न को लेकर बढ़ा-चढ़ाकर किए जाने वाले दावों से सावधान रहने को कहा।

पांडेय ने यह बात सेबी की देशव्यापी निवेशक जागरूकता पहल ‘प्रोजेक्ट जागरूक’ की शुरुआत के मौके पर पंजाब विश्वविद्यालय में कही।

उन्होंने सेबी के निवेशक सर्वेक्षण के निष्कर्षों का हवाला देते हुए कहा कि प्रतिभूति बाजार के बारे में जागरूकता और उसमें वास्तविक भागीदारी के बीच अंतर है।

निवेशकों में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पर जोर देते हुए पांडेय ने कहा कि निवेशकों को केवल इसलिए निवेश नहीं करना चाहिए कि किसी ने इसकी सलाह दी है या हर कोई निवेश कर रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘निवेश तभी करें जब आप इसे समझते हों। यही ‘प्रोजेक्ट जागरूक’ का उद्देश्य है। समझ के साथ निवेश करना आसान है।’’

भारत के पूंजी बाजार पिछले एक दशक में अधिक गहरे, व्यापक और सुलभ हुए हैं।

सेबी चेयरमैन ने निवेशकों को आगाह करते हुए कहा, ‘‘निवेश धोखाधड़ी से सावधान रहें, गुमनाम सुझावों, सोशल मीडिया पर वित्तीय सलाह देने वालों या रिटर्न को लेकर बढ़ा-चढ़ाकर किए जाने वाले दावों के बजाय विनियमित उत्पादों, माध्यमों और संस्थाओं का इस्तेमाल करें।’’

उन्होंने निवेशकों को केवल उन्हीं उत्पादों में निवेश करने की सलाह दी जिन्हें वे समझते हैं।

उन्होंने कहा कि निवेश जल्द शुरू करना चाहिए और लगातार उसका लाभ लेने के लिए उसे जारी रखना चाहिए तथा निवेश में विविधता लानी चाहिए।

पांडेय ने कहा कि भारतीय प्रतिभूति बाजार पहले के मुकाबले अधिक लोकतांत्रिक और सुलभ है, लेकिन केवल पहुंच पर्याप्त नहीं है। निवेशकों को भी पर्याप्त जानकारी होनी चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘इसीलिए निवेशकों में जागरूकता बढ़ाना बाजार के बुनियादी ढांचे का हिस्सा है। मजबूत बाजार के लिए केवल शेयर बाजार, समाशोधन निगम और डिपॉजिटरी ही नहीं, बल्कि जानकार प्रतिभागी भी जरूरी हैं। ‘प्रोजेक्ट जागरूक’ इसी सिद्धांत को आगे बढ़ाने का प्रयास है।’’

सेबी प्रमुख ने कहा कि ‘प्रोजेक्ट जागरूक’ का उद्देश्य प्रतिभूति बाजार के बारे में समझ को आसान बनाना है।

उन्होंने कहा कि अनावश्यक जटिल शब्दों के बिना विषयों को समझाया जाएगा और निवेशकों को कोई कदम उठाने से पहले उसे समझने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

पांडेय ने कहा कि यह अभियान अंग्रेजी, हिंदी और पंजाबी सहित 11 क्षेत्रीय भाषाओं में चलाया जाएगा। इसके तहत टेलीविजन, प्रिंट, रेडियो, सिनेमा, डिजिटल मंच, सोशल मीडिया, ओटीटी, व्हाट्सएप और प्रत्यक्ष संपर्क के माध्यमों का इस्तेमाल किया जाएगा।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।