वीएम सिंह ने गाजीपुर मोर्चा छोड़ा, राकेश टिकैत पर लगाए गंभीर आरोप

News Aroma
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गाजियाबाद : गणतंत्र दिवस के मौके पर मंगलवार को दिल्ली में किसानों की टैक्टर रैली के दौरान हुए बवाल के बाद बुधवार को किसान आंदोलन की तस्वीर बदलती नजर आई आंदोलन स्थल पर जहां किसानों की संख्या कम दिखी, वहीं गाजीपुर बार्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में शामिल किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह ने खुद को आंदोलन से अलग करने की घोषणा कर दी।

उन्होंने प्रेसवार्ता कर गाजीपुर मोर्चे का नेतृत्व कर रहे भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत पर आंदोलन को गलत दिशा देने तक के आरोप जड़ दिए।

यहां तक कि टिकैत को बैरिकेडिंग तोड़े जाने के लिए भी जिम्मेदार ठहरा दिया। सरकार के साथ वार्ता कर रही 40 लोगोंं की कमेटी पर भी उन्होंने सवाल उठाए।

यूपी गेट पर चल रहे किसान आंदोलन में बुधवार सुबह से सन्नाटा पसरा नजर आया। हालांकि बताया गया कि दिल्ली में एक किसान की मौत होने के चलते शोक सभा का आंयोजन करने के बाद श्रद्धांजलि स्वरूप बुधवार को मंच संचालन नहीं किया गया।

प्रेसवार्ता के दौरान किसान नेता सरदार वीएम सिंह ने राकेश टिकैत पर गन्ना किसानों का मुद्दा न उठाने का भी आरोप लगाया। दूसरी ओर इस मामले में टिकैत का कहना है कि गन्ना किसानों को जो बिना रेट अंकित किए पर्चियां मिल रही हैं, उन्हें मीडिया के सामने किसने रखा?

सरदार वीएम सिंह ने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक किसानों की लड़ाई लड़ने का दावा करते हुए कहा कि यूपी के किसानों को उन्होंने गन्ने के रेट दिलवाकर लाखों करोड़ रुपये का फायदा कराया है।

उन्होंने अपने जीवन के 25 साल किसानों की सेवा में लगा दिए, लेकिन कानून के सहारे किसानों को उनका हक दिलाता हूं तो गणतंत्र दिवस पर संविधान को ठेंगा नहीं दिखा सकता।

गणतंत्र दिवस पर जो हुआ, उससे दुखी होकर गाजीपुर बार्डर आंदोलन से अपने आपको अलग करता हूं, आंदोलन में शामिल किसान अपने विवेक से काम लें। उन्होंने कहा कि जिस आंदोलन से किसान शर्मशार हो, जिस आंदोलन से हिन्दुस्तान शर्मशार हो, उस आंदोलन में रहने का कोई मतलब नहीं है।

बुधवार को यूपी गेट पर किसानों की संख्या में काफी कमी आई। ट्रैक्टर रैली में शामिल होने आए किसानों के साथ अन्य किसान भी वापस घरों को लौट रहे हैं।

प्रशासन ने हालात को देखते हुए गाजीपुर मंडी, नेशनल हाइवे-9 और नेशनल हाइवे-24 को बंद रखा। गाजियाबाद से दिल्ली की ओर जाने वाले आंनद विहार के रास्ते दिल्ली गए।

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