झारखंड

‘Wasseypur Gang’ : ‘वासेपुर वाट्सएप’ ग्रुप से जुड़े हैं रांची हिंसा के तार

उपद्रव के दिन भीड़ को इकट्ठा करने के लिए किया गया था इस्तेमाल

रांची : राजधानी रांची के मेन रोड में पिछले शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद हुए उपद्रव के मामले में पुलिस जांच में इस बात का खुलासा है कि भीड़ को इकट्ठा करने के लिए एक वॉट्सऐप ग्रुप ‘वासेपुर गैंग’ (Wasseypur Gang) का इस्तेमाल किया गया था।

पुलिस अब इस वॉट्सऐप ग्रुप (whatsapp group) के एडमिन की जोर-शोर से तलाश कर रही है।

रांची हिंसा के बाद चार दिन बाद सोमवार को भी तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। 10 जून की हिंसक घटनाओं में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कर्बला चौक और अन्य क्षेत्रों में भारी पुलिस बल अभी भी तैनात है।

इस बीच, पुलिस को यह पता चला है कि 10 जून के विरोध- प्रदर्शन के लिए लोगों की भीड़ जुटाने के लिए ‘वासेपुर गैंग’ नाम के वॉट्सऐप ग्रुप का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस इस आधार पर जांच के काम को तेजी से आगे बढा रही है।

आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की गई

शांति बनाए रखने के लिए सरकार ने राज्य भर में सभी संवेदनशील स्थानों पर रैपिड एक्शन फोर्स, आतंकवाद विरोधी दस्ते, विशेष टास्क फोर्स और पुलिस को तैनात किया है।

टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के अनुसार, 10 जून को जुमे की नमाज के बाद रांची में भड़के हिंसक विरोध प्रदर्शन (Protest) के दौरान दो लोगों की मौत के बाद झारखंड में तनाव बना हुआ है।

रांची में निलंबित भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रवक्ता नुपुर शर्मा और निष्कासित नेता नवीन कुमार जिंदल द्वारा पैगंबर मोहम्मद पर विवादास्पद टिप्पणी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया था।

पुलिस ने बताया कि अब तक एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है और 16 अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया है।

शिनाख्त की प्रक्रिया चल रही है। इसमें आगे कहा गया है कि पहचाने गए आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की गई है।

विरोध प्रदर्शन शुरू होने और कई वाहनों को पथराव और आग लगाने और तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद सरकार ने रांची में कर्फ्यू लगा दिया था।

हालात को काबू करने के लिए प्रशासन ने कर्फ्यू लगाने के साथ ही 11 जून की सुबह 6 बजे तक रांची में सभी इंटरनेट सेवाओं (Internet services) को अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया था।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हिंसा की घटनाओं की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) संजय लातकर इन घटनाओं की जांच करेंगे।

रांची के DIG अनीश गुप्ता (Anish Gupta) ने कहा कि घटना की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) भी गठित किया गया है।

उन्होंने कहा कि अब तक तीन FIR दर्ज की गई हैं। हिंसा में शामिल लोगों की गिरफ्तारी के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है।