हम विश्व की सबसे बड़ी पार्टी का हिस्सा है, यह हमारा सौभाग्य है: भाजपा

News Aroma Media
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रांची: भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के नवनियुक्त पदाधिकारियों का अभिनंदन सह सम्मान समारोह सोमवार को प्रदेश कार्यालय के दीन दयाल सभागार में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को मनोनयन पत्र दिया गया और भविष्य की रणनीति पर चर्चा की गई।

सत्र के पहले बैठक में संगठन महामंत्री धर्मपाल ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके प्रयास से ही भारतीय जनता पार्टी के सांसद और विधायक चुने जाते हैं।

राष्ट्रीय एकात्मता,समरस समाज के साथ अंत्योदय के लक्ष्य को साकार करने पार्टी का लक्ष्य है। ऐसे में मोर्चा के कार्यकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कई ऐसे कार्य हैं जिसे जनता के बीच ले जाने का कार्य मोर्चा के कार्यकर्ताओं द्वारा किया जाएगा।

सभी से आग्रह करते हुए कहा कि मोर्चा को मजबूत बनाने और पार्टी के संदेशों को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का हर संभव प्रयास किया जाए। धर्मपाल ने कहा कि नए चेहरे को नया दायित्व भी मिला है।

यह हमारा सौभाग्य है कि हम विश्व की सबसे बड़ी पार्टी का हिस्सा है। महिला और पुरुष सभी को बराबर दायित्व दिया जाए इसका ख्याल रखना है और बूथ स्तर तक इस मोर्चे के कार्यों को पहुंचाना है।

उन्होंने जिला अध्यक्षों को कहा कि वे इस स्तर पर कार्य करें कि हमारे समाज के लोग मोर्चा के संपर्क में रहें और अपना सुख दुख उनसे जरूर बाटे।

उन्होंने कहा कि भविष्य में विपक्ष समाज के बीच भ्रम फैला सकते हैं, पार्टी से अलग करने का प्रयास समाज के लोगों को किया जाएगा। लेकिन हमारा प्रयास रहेगा कि हम अपने समाज को मुख्यधारा से जोड़ते हुए राष्ट्रवादिता के साथ चलने का प्रयत्न करें तभी सही मामले में मोर्चा सफल होगा।

मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अमर कुमार बाउरी ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं एवं बधाई देते हुए कहा कि आने वाला समय हमारे लिए चैलेंज और अवसरों से भरा हुआ है।

हमें मोर्चा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास करना है और इसमें सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों और हजारों की संख्या में कार्यकर्ताओं की सहभागिता जरूरी है।

उन्होंने कहा कि राज्य में अनुसूचित जाति की 22 उपजातियां हैं, जो अभी तक संगठित नहीं हैं। उन सभी को संगठित करना हमारा पहला लक्ष्य होगा।

कहा कि आज तक राज्य गठन के बाद से किसी भी संगठन या राजनीतिक संगठन ने दलितों की आवाज बनने की कोशिश नहीं की सिर्फ एक भाजपा की अनुसूचित जाति मोर्चा ही है, जिन्होंने दलितों की आवाज को उठाने का काम किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाओं के कारण आज हमारे दलित समाज अपने गांव के बीच सर उठा कर जी रहे हैं।

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