झारखंड नियुक्ति विवाद: 234 को मिला जॉइनिंग लेटर, 79 महिला पर्यवेक्षिकाएं अब भी इंतजार में, विभाग पर सवाल

झारखंड नियुक्ति विवाद गहराया, 313 में से 234 को ही मिला जॉइनिंग लेटर, 79 महिला पर्यवेक्षिकाएं अब भी इंतजार में, दस्तावेज सत्यापन पर उठे सवाल और पारदर्शिता पर बहस तेज।

Razi Ahmad
3 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

Jharkhand Recruitment Controversy : झारखंड में नियुक्ति प्रक्रिया एक बार फिर सवालों के घेरे में है। 21 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आंगनबाड़ी महिला पर्यवेक्षिका पद के लिए चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। हालांकि कुल 313 पदों के लिए झारखण्ड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने अनुशंसा की थी, लेकिन केवल 234 अभ्यर्थियों को ही नियुक्ति पत्र दिया गया।

बाकी बची 79 महिला पर्यवेक्षिकाएं अब भी नियुक्ति पत्र के इंतजार में दर-दर भटक रही हैं। इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि जब सभी 313 अभ्यर्थियों का चयन और सत्यापन हो चुका था, तो फिर 79 को क्यों रोका गया।

जानकारी के मुताबिक, विवाद की जड़ डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन है। पहले JSSC ने दस्तावेजों की जांच कर सभी 313 अभ्यर्थियों को योग्य मानते हुए विभाग को अनुशंसा भेज दी थी। लेकिन इसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग झारखंड ने दोबारा दस्तावेज़ सत्यापन शुरू कर दिया।

अब विभाग अभ्यर्थियों से वर्ष 2023 के दस्तावेज़ मांग रहा है, यानी वही समय जब भर्ती का विज्ञापन जारी हुआ था। अभ्यर्थियों का कहना है कि ऐसी कोई शर्त विज्ञापन में स्पष्ट नहीं थी। उनका तर्क है कि जब चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, तो फिर दोबारा जांच क्यों की जा रही है।

इसके अलावा, अभ्यर्थियों ने विभाग पर पारदर्शिता की कमी का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि यदि दस्तावेज़ में कोई कमी है, तो उसे लिखित रूप में बताया जाना चाहिए, लेकिन विभाग इस संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी देने से बच रहा है।

दिलचस्प बात यह है कि जब JSSC दस्तावेज़ सत्यापन कर रहा था, तब विभाग के अधिकारी भी उसी प्रक्रिया का हिस्सा थे और उन्होंने इसे सही माना था। अब वही प्रक्रिया संदेह के घेरे में है।

इस असमंजस के बीच 79 अभ्यर्थी मानसिक और प्रशासनिक परेशानी झेल रहे हैं। एक अभ्यर्थी रूबी कुमारी के परिवार ने बताया कि वे लगातार विभाग के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा। मजबूरी में उन्होंने विभाग के सचिव से लेकर मुख्यमंत्री और राज्यपाल तक को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है।

फिलहाल, मामला प्रशासनिक स्तर पर उलझा हुआ है और अभ्यर्थी जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं।

Share This Article
रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।