नाबालिग के साथ गैंगरेप की घटना पर हाई कोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान, अब आगे…

News Aroma
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Gang Rape : समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर के आधार पर झारखंड हाईकोर्ट (Jharkhand High Court) के न्यायाधीश सह झालसा के कार्यपालक अध्यक्ष जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद ने नाबालिग (Minor) के साथ गैंगरेप (Gang Rape) की घटना पर संज्ञान लिया है।

उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकार रांची को आदेश दिया है कि वह पीड़िता और उनके परिवार से मिलकर आवश्यक सहायता प्रदान करे।

इस आदेश के आलोक में न्यायायुक्त-सह-अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार रांची दिवाकर पांडे, ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के सचिव को दुष्कर्म (Rape) की पीड़ित युवती को हर संभव मदद पहुंचाने का निर्देश दिया है।

इस निर्देश के आलोक में डालसा सचिव राकेश रंजन ने अविलम्ब एक टीम गठित कर स्वयं टीम के साथ बाजरा स्थित पीड़िता के घर पहुंच कर पीड़िता की मां से मिलकर विधिक सहायता के बारे मे जानकारी दिए और हरसंभव मदद करने के बात कही और नियम अनुसार मुआवजा के मिलने की प्रक्रिया की भी जानकारी दी।

इसके बाद रातू थाना पहुंच कर DSP से मिलकर केस से संबंधित जानकारी जल्द से जल्द न्यायालय में प्रस्तुत करने को कहा तथा पीड़िता के सबंध मे जानकारी ली।

साथ ही सिरमटोली स्थित प्रेमाश्रय पहुंच कर पीड़ित से मिलकर स्वस्थ संबंधी जानकारी लिए। टीम मे डालसा सचिव राकेश रंजन ,पीएलवी पुष्पलता देवी और संगीता देवी थी।

डालसा सचिव के द्वारा पीड़िता को झारखंड पीड़ित मुआवजा अधिनियम के अंतर्गत मुआवजा देने हेतु प्रक्रिया भी प्रारम्भ कर दी गयी है।

पीड़ित के सेपोर्ट पर्सन के रूप में PLV संगीता देवी को नामित किया गया है।

जो न्यायालय की प्रक्रिया में पीड़ित के साथ रह कर सहायता करेगी।

अधिवक्ता के रूप मे ममता श्रीवास्तव को नामित किया गया है।

जो न्यायालय में पीड़ित का पक्ष रखेंगे डालसा की टीम के द्वारा पीड़िता को हर संभव विधिक एवं चिकित्सीय सहायता प्रदान की जायेगी मालूम हो कि 13 अप्रैल 2024 को पांच युवको के द्वारा जतरा देखने आई नाबालिक के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। इस मामले को कोर्ट ने अत्यंत गंभीरता से लिया है।

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