रिम्स में हुए मारपीट मामले में जांच समिति का गठन

RIMS के मेडिकल छात्रों और RIMS की सुरक्षा में तैनात गृह रक्षा वाहिनी के बीच मंगलवार को झड़प के बाद बुधवार को जूनियर डॉक्टर्स ने कार्य बहिष्कार कर विरोध किया।

News Aroma
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Assault cases in RIMS: RIMS के मेडिकल छात्रों और RIMS की सुरक्षा में तैनात गृह रक्षा वाहिनी के बीच मंगलवार को झड़प के बाद बुधवार को जूनियर डॉक्टर्स ने कार्य बहिष्कार कर विरोध किया।

इसके बाद रिम्स प्रशासनिक पदाधिकारियों, पुलिस प्रशासन के पदाधिकारियों और छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की गई। बैठक में RIMS के मेडिकल छात्रों (Medical Students) और गृह रक्षा वाहिनी के जवानों के बीच हुई मारपीट की विस्तार से जानकारी ली गई।

सिटी एसपी और निदेशक रिम्स के जरिये सूचित किया गया है कि रिम्स एक संवेदनशील जगह है, जहां हमेशा सुरक्षा की आवश्यकता है, इसलिए दोनों विभागों का आपसी सामंजस्य से कार्य करना आवश्यक है। सिटी एसपी ने संस्थान में सुरक्षा की निगरानी के लिए सीसीटीवी से संबंधित जानकारी ली। साथ ही संस्थान को अतिक्रमणमुक्त करने के लिए प्रबंधन ने एसपी से अनुरोध किया।

वहीं हॉस्टल नंबर 8 के पीछे की टूटी चाहरदिवारी का निर्माण पुलिस प्रशासन की उपस्थिति में कराने का निर्णय लिया गया। इस मारपीट की घटना और रिम्स की सुरक्षा को अधिक सुदृड़ करने के लिए निर्णय लिये गए।

साथ ही मेडिकल छात्रों और गृह रक्षा वाहिनी के जवानों के बीच हुई मारपीट की घटना के संबंध में एक निष्पक्ष जांच समिति का गठन करने का निर्णय लिया गया। समिति दो दिनों के अंदर निष्पक्ष जांच करेगी और दोषी पाये जाने वालों पर कार्रवाई की जायेगी। बैठक में मेडिकल छात्र- छात्राओं के शिकायत के आलोक में एक सुरक्षा शिकायत निवारण समिति का गठन किया गया है।

इसमें रांची सिटी SP , RIMS अपर चिकित्सा अधीक्षक, डीएसपी सदर, एवं गृह रक्षा वाहिनी के जिला समादेष्टा सदस्य होंगे। बैठक में रिम्स निदेशक प्रो (डॉ) राज कुमार, रांची सिटी एसपी राजकुमार मेहता, डॉ विद्यापति, डॉ शशि बाला सिंह, चिकित्सा अधीक्षक डॉ हीरेन्द्र बिरुआ, अपर चिकित्सा अधीक्षक शैलेश त्रिपाठी, डॉ शिव प्रिये, डॉ मनोज कुमार सहित अन्य लोग शामिल थे।

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