खुशखबरी : TRAI के नए नियम के तहत अब 20 रुपये में मिलेगा 30 दिनों का रिचार्ज, जानिए …

News Aroma
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TRAI New Rule for Recharge : अब Jio, Airtel, Vi और BSNL जैसे प्रमुख टेलीकॉम ऑपरेटर के ग्राहकों को अपने SIM Card को एक्टिव रखने के लिए महंगे मिनिमम Recharge Plan की जरूरत नहीं पड़ेगी।

TRAI ने एक नया नियम लागू किया है, जिसके तहत यूजर्स को सिर्फ 20 रुपये का मिनिमम प्रीपेड बैलेंस अपने अकाउंट में रखना होगा, जिससे उनका सिम कार्ड 30 दिनों तक एक्टिव रहेगा।

इस नए नियम के अनुसार, यूजर्स को अपने नंबर को एक्टिव रखने के लिए अब 199 रुपये के महंगे रिचार्ज की आवश्यकता नहीं होगी, जो पहले 28 दिनों के लिए किया जाता था।

इसके स्थान पर, केवल 20 रुपये का बैलेंस रखने से सिम कार्ड 90 दिनों तक एक्टिव रहेगा, बशर्ते कुछ शर्तें पूरी की जाएं।

TRAI ने लागू किया ऑटोमेटिक नंबर रिटेंशन स्कीम

TRAI ने अब एक नया नियम लागू किया है, जिसे ऑटोमेटिक नंबर रिटेंशन स्कीम (Automatic Number Retention Scheme) कहा जा रहा है।

इस स्कीम का फायदा सभी प्रमुख टेलीकॉम ऑपरेटर्स के ग्राहकों को मिलेगा, चाहे वे Jio, Airtel, Vi या BSNL का उपयोग करते हों।

TRAI के अनुसार, अगर यूजर्स 90 दिनों तक अपने सिम कार्ड का उपयोग नहीं करते हैं और कोई रिचार्ज भी नहीं करते, तो उनका नंबर डिएक्टिवेट हो सकता है और उस नंबर को नए यूजर को जारी किया जा सकता है।

हालांकि, अब इस स्थिति से बचने के लिए सिर्फ 20 रुपये का बैलेंस आपके अकाउंट में होना जरूरी है।

अगर 90 दिनों तक आप कॉल, डेटा, या SMS सर्विस का उपयोग नहीं करते हैं, तो आपके अकाउंट से 20 रुपये काटे जाएंगे और इसके बदले आपके सिम कार्ड की वैलिडिटी 30 दिनों के लिए बढ़ जाएगी।

इस नियम से ग्राहकों को बड़ा लाभ मिलेगा क्योंकि अब उन्हें सिम कार्ड को सक्रिय Inch के लिए महंगे रिचार्ज की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

बैलेंस खत्म होने पर 15 दिनों का मिलेगा ग्रेस पीरियड

TRAI के नए नियम के तहत, अगर आपके अकाउंट में 20 रुपये का बैलेंस खत्म हो जाता है, तो आपको 15 दिनों का ग्रेस पीरियड मिलेगा।

अगर इस दौरान रिचार्ज नहीं किया जाता, तो सिम कार्ड डिएक्टिवेट हो जाएगा। यह नियम सभी प्रमुख टेलीकॉम ऑपरेटर्स (Jio, Airtel, Vi, BSNL) पर लागू होगा।

हालांकि, 20 रुपये का बैलेंस सिम कार्ड को एक्टिव रखेगा, लेकिन यह इनकमिंग/आउटगोइंग कॉल्स और अन्य सर्विसेस के लिए वैध नहीं होगा।

2013 में जारी इस नियम को अब कंपनियां पालन कर रही हैं।

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