जेईई मेंस की परीक्षा में हुई थी बड़ी सेटिंग, 70 कंप्यूटर बरामद, तीन गिरफ्तार

रामगढ़ से हुई है गिरफ्तारी, टाटा कंसलटेंसी सर्विस के नाम पर कर्मी बदल रहे थे कंप्यूटर सिस्टम

Neeral Prakash
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रांची : नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन-मेंस (जेईई मेंस) की परीक्षा आयोजित की जाती है। इस परीक्षा में बड़े पैमाने पर सेटिंग कर परीक्षार्थियों को पास कराने वाला गैंग एक बार फिर हावी था। रामगढ़ में इस गैंग का भंडाफोड़ हुआ है। परीक्षा पास करने वाले गैंग के तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके अलावा पुलिस की सूझ-बूझ से लगभग 70 कंप्यूटर, तीन राउटर, एक सीपीयू, चार मोबाइल फोन और एक फॉर्च्यूनर गाड़ी जप्त की गई है। रामगढ़ एसपी अजय कुमार के सक्रियता से परीक्षा पास कराने वाला गैंग जैसे ही धराया, डीसी फ़ैज़ अक अहमद मुमताज ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने तत्काल जांच कमेटी गठित कर इस पूरे गोरखधंधे की रिपोर्ट मांगी है।

पास करने के नाम पर मोटी रकम की वसूली

एसपी अजय कुमार ने बताया कि रामगढ़ जिले के राधा गोविंद विश्वविद्यालय में जेईई मेंस की परीक्षा आयोजित होने वाली थी। 2 अप्रैल से 8 अप्रैल तक चलने वाली इस परीक्षा में चुनिंदा अभ्यर्थियों को पास करने के लिए गैंग ने मोटी रकम वसूली थी। विश्वविद्यालय के कर्मचारी की सूझबूझ के कारण ना सिर्फ एक बड़े गोरख धंधे का पर्दाफाश हुआ, बल्कि गलत कार्यों में संलिप्त तीन लोगों को भी गिरफ्तार करने में पुलिस को सफलता मिली। गिरफ्तार लोगों में विश्वविद्यालय के कर्मचारी (टेक्नीशियन) कोठार गांव निवासी दिनेश कुमार महतो, पिता पाथो महतो, रांची जिले के ओरमांझी थाना के ग्राम आनंदी, ठुमरटोली निवासी शकिर अंसारी पिता स्वर्गीय मो हकीक अंसारी और बिहार राज्य के सारन जिला अंतर्गत मकेर थाने के भाथा गांव निवासी सूरज कुमार सिंह, पिता कामेश्वर सिंह शामिल हैं।

कैंडिडेट को पास करने के लिए बदले जा रहे थे कंप्यूटर

एनटीए की ओर से हर वर्ष जेईई-मेंस की परीक्षा आयोजित कराई जाती है। इस परीक्षा को सदाचार मुक्त संचालित करने के लिए टीसीएस को जिम्मेदारी सौंप गई थी। पिछले 4 वर्षों से रामगढ़ के राधा गोविंद विश्वविद्यालय में सी ब्लॉक में बनाए गए कंप्यूटर लैब में यह परीक्षा आयोजित होती रही है। इस वर्ष भी जब परीक्षा केंद्र के रूप में राधा गोविंद विश्वविद्यालय का नाम घोषित हुआ तो टीसीएस के कुछ कर्मचारियों ने अपने गैंग के कुछ सदस्यों के साथ मिलकर चुनिंदा विद्यार्थियों को पास कराने के लिए बड़ी योजनाई। टीसीएस हर वर्ष परीक्षा से 2 दिन पहले कंप्यूटर लैब के सारे सिस्टम को अपने कंट्रोल में लेता था। इसी का फायदा उठाते हुए रविवार को टीसीएस कंपनी के कर्मचारी ओरमांझी निवासी राजेश ठाकुर, पिता तारा ठाकुर अपने तीन अन्य लोगों के साथ मिलकर विश्वविद्यालय परिसर में घुसे। इस दौरान उनके साथ विश्वविद्यालय के कर्मचारी (टेक्नीशियन) दिनेश कुमार महतो भी शामिल थे। सभी लोगों ने गार्ड को टीसीएस का हवाला दिया और विद्यालय के अनुमति के बिना ही कंप्यूटर लैब में अवैध तरीके से कंप्यूटर को बदलने लगे। कुछ मॉनिटर, सीपीयू, हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ करने लगे।

शक होने पर कैंपस इंचार्ज को दी गई सूचना

विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को जब शक हुआ तब उसने कैंपस इंचार्ज संजीव कुमार सिंह को सूचना दी। इसके बाद कुलसचिव निर्मल कुमार मंडल को भी वहां बुलाया गया। जब राजेश ठाकुर और उनके साथियों को यह लगने लगा कि वह अब फंस सकते हैं, तो उन लोगों ने भागना शुरू किया। राजेश ठाकुर अपने एक टीसीएस कर्मचारी रवि शंकर पिता रामधारी सिंह के साथ बाउंड्री फांदकर भाग गए। लेकिन शकिर अंसारी, सूरज कुमार और दिनेश महतो पकड़े गए। सूरज कुमार भी फॉर्च्यूनर गाड़ी लेकर फरार होने की कोशिश कर रहा था लेकिन गार्ड ने मुख्य दरवाजा बंद कर दिया जिससे वह पकड़ा गया।

पूछताछ में दिनेश ने उजागर किया पूरा मामला

गिरफ्तार दिनेश महतो से जब पूछताछ शुरू हुआ तो उसने पूरा राज उगल दिया। उसने पुलिस को बताया कि राजेश ठाकुर और रविशंकर के द्वारा उन्हें जेईई मेंस में सेटिंग की बात कही गई थी। इन्हें मोटी रकम का लालच दिया गया था। उन्हें बताया गया था की सेटिंग में कुछ लड़कों को पास करने के लिए लैब का सिस्टम चेंज करना है। सिस्टम में कुछ सेटिंग करना है ताकि परीक्षा के दिन दिक्कत ना हो। रवि शंकर, राजेश और शकिर के द्वारा प्रति मॉनिटर 10 हजार रुपए की राशि देने के बाद तय हुई थी।

रामगढ़ थाने में दर्ज हुई प्राथमिकी

इस मामले में राधा गोविंद विश्वविद्यालय के कुलसचिव निर्मल कुमार मंडल ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने विश्वविद्यालय के कर्मचारी दिनेश कुमार महतो, फॉर्च्यूनर गाड़ी संख्या डब्ल्यूबी 39 ई 5455 पर सवार सूरज कुमार, टीसीएस के कर्मचारी राजेश ठाकुर, शाकिर अंसारी, टीसीएस के कर्मचारी रविशंकर, गाड़ी संख्या डब्ल्यूबी 39 ई 5455 के मालिक, छपरा जिले के काकू एवं अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।

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नीरल प्रकाश के पास पत्रकारिता में 2 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने एंकरिंग, रिपोर्टिंग और स्क्रिप्ट राइटिंग में काम किया है। पिछले 2 सालों से वे IDTV इंद्रधनुष के साथ काम कर रही हैं, जहां उन्होंने ऑन-एयर प्रस्तुतिकरण के साथ-साथ बैकएंड कंटेंट क्रिएशन में भी योगदान दिया। समाचार रिपोर्टिंग के अलावा, उन्होंने आकर्षक स्क्रिप्ट तैयार करने और कहानी को पेश करने का अनुभव भी प्राप्त किया है।