महुआडांड़ में अवैध क्लीनिकों पर उबाल, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी से ग्रामीणों ने लगाई गुहार

लातेहार के महुआडांड़ में अवैध क्लीनिकों पर प्रशासन सख्त, डीसी संदीप कुमार ने सीलिंग और एफआईआर के आदेश दिए। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई।

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लातेहार डीसी संदीप कुमार ने दिए सीलिंग और एफआइआर के आदेश

बंदी आदेश के 20 दिन बाद भी चल रहे 9 अवैध संस्थान, सीएस डॉ. राजमोहन खलखो को तत्काल कार्रवाई का निर्देश

महुआडांड़ (लातेहार) : महुआडांड़ प्रखंड में क्लीनिकल स्टैब्लिशमेंट एक्ट 2010 के तहत बंदी आदेश के बावजूद अवैध रूप से चल रहे निजी क्लीनिकों के मामले ने तूल पकड़ लिया है। स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और लातेहार के उपायुक्त संदीप कुमार से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर दोषी संचालकों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मामले का संज्ञान लेते हुए लातेहार डीसी संदीप कुमार ने सिविल सर्जन डॉ. राजमोहन खलखो को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सीएस ने महुआडांड़ स्वास्थ्य विभाग को तत्काल सभी अवैध संस्थानों को सील करने और संचालकों पर एफआइआर दर्ज करने का आदेश जारी कर दिया है।

क्या है पूरा मामला: 11 में से 9 संस्थान पाए गए अवैध

5 मई को महुआडांड़ सीएचसी और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने प्रखंड के निजी क्लीनिकों का औचक निरीक्षण किया था। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, सीएचसी महुआडांड़ द्वारा 11 मई को जारी पत्रांक 240 के अनुसार निरीक्षण में 11 संस्थानों की स्थिति इस प्रकार पाई गई:

संस्थानों की स्थिति

1. सूर्या क्लीनिक महुआडांड़: Expired
2. निजा डेंटल क्लीनिक महुआडांड़: Not Found
3. फैज ड्रग्स महुआडांड़: Not Found
4. आस्था नर्सिंग होम महुआडांड़: Not Found
5. मुस्कान क्लीनिक महुआडांड़: Not Found
6. गेट वेल हॉस्पिटल महुआडांड़: Closed
7. मेडिकेयर डेंटल क्लीनिक महुआडांड़: Not Found
8. न्यू आई केयर महुआडांड़: Not Found
9. भगवती मेडिकल महुआडांड़: Not Found
10. सेवा सदन महुआडांड़: Closed
11. चांदसी दवा खाना महुआडांड़: Not Found

विभाग ने स्पष्ट आदेश दिया था कि “जब तक Clinical Establishment Act 2010 का वैध Registration Certificate नहीं है, तब तक सभी क्लीनिक/अस्पताल बंद रखे जाएंगे। आदेश की अवहेलना पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

20 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

आदेश जारी हुए 20 दिन बीत जाने के बाद भी जमीन पर स्थिति नहीं बदली। ग्रामीणों का आरोप है कि सूर्या क्लीनिक, आस्था नर्सिंग होम, मुस्कान क्लीनिक, फैज ड्रग्स सहित कई संस्थानों में मरीजों का इलाज अब भी जारी है। लोगों का कहना है कि यह सीधे तौर पर गरीब जनता के स्वास्थ्य और जान के साथ खिलवाड़ है।

डीसी-सीएस हुए सख्त, कार्रवाई शुरू

जन आक्रोश और लगातार मिल रही शिकायतों के बाद लातेहार डीसी संदीप कुमार ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने सिविल सर्जन डॉ. राजमोहन खलखो को जांच कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद सीएस ने तत्काल महुआडांड़ सीएचसी प्रभारी को पत्र लिखकर सभी अवैध संस्थानों के विरुद्ध Clinical Establishment Act 2010 के तहत कार्रवाई करने का आदेश दिया है।

क्या है कानूनी प्रावधान

Clinical Establishment Act 2010 के तहत बिना रजिस्ट्रेशन के क्लीनिक चलाने पर 50 हजार से 5 लाख रुपये तक जुर्माना और संस्थान को सील करने का प्रावधान है। लगातार उल्लंघन करने पर संचालक को कारावास भी हो सकता है।

“कागजी कार्रवाई नहीं, जमीन पर एक्शन चाहिए”

ग्रामीणों ने कहा, “स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी खुद एक डॉक्टर हैं। उनसे उम्मीद है कि वे महुआडांड़ की जनता को न्याय दिलाएंगे। सिर्फ नोटिस जारी करने से काम नहीं चलेगा, अवैध क्लीनिकों पर ताला लगना चाहिए ताकि गरीब मरीजों की जान से खिलवाड़ बंद हो।”डीसी और सीएस के सख्त रुख के बाद महुआडांड़ स्वास्थ्य विभाग की टीम कार्रवाई की तैयारी में जुट गई है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि अब कागजी कार्रवाई की जगह जमीन पर ठोस एक्शन दिखेगा और अवैध क्लीनिकों पर रोक लगेगी।इस संबंध में लातेहार के डीसी संदीप कुमार ने बताया की अवैध चल रहे क्लिनिक में करवाई होगी।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।