
Nagri Protest : नगड़ी में प्रस्तावित रिम्स-2 परियोजना को लेकर ग्रामीणों का विरोध एक बार फिर सामने आया है। गुरुवार को गुलाम रब्बानी नगड़ी जमीन बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले सैकड़ों रैयतों, किसानों और ग्रामीणों ने पैदल शांति मार्च निकालकर अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया।
ग्रामीण मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सीधे वार्ता की मांग को लेकर नगड़ी से सीएम आवास की ओर मार्च कर रहे थे। प्रशासन द्वारा मुख्य मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने और रूट डायवर्ट करने के बाद प्रदर्शनकारियों ने खेतों और पगडंडियों का रास्ता अपनाया। ग्रामीण दो नदियां पार कर चौड़ी बस्ती होते हुए मोराबादी पहुंच गए, जिससे प्रशासन भी हैरान रह गया।
मोराबादी मैदान में जुटने के बाद जब प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़े तो पुलिस ने ऑक्सीजन पार्क के समीप बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। इसी दौरान शुरू हुई बारिश के बाद धीरे-धीरे प्रदर्शनकारी वहां से लौटने लगे।
प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे राज्य के विकास या रिम्स-2 निर्माण के विरोधी नहीं हैं, लेकिन उनकी जमीन और अधिकारों से जुड़े मुद्दों का समाधान होना चाहिए। उनका आरोप है कि जिस जमीन पर रिम्स-2 बनाने की योजना है, उसके अधिग्रहण की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रही है और कई प्रभावित परिवारों को अब तक उचित मुआवजा नहीं मिला है।
ग्रामीणों का कहना है कि उनकी उपजाऊ कृषि भूमि ही आजीविका का मुख्य स्रोत है। यदि परियोजना के कारण उन्हें विस्थापित होना पड़ता है, तो प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा, सरकारी नौकरी और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाने चाहिए। उनका कहना है कि ऐसी व्यवस्था होने पर वे रिम्स-2 निर्माण में पूरा सहयोग देने को तैयार हैं।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी बताया कि इस मुद्दे पर स्वास्थ्य मंत्री और जिला प्रशासन के साथ कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन वे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सीधे मुलाकात कर अपनी बात रखना चाहते हैं। ग्रामीणों ने सरकार से संवाद स्थापित कर समाधान निकालने की मांग की है।

