कड़ी सुरक्षा के बीच देश और विदेशों में नीट-यूजी पुनर्परीक्षा शुरू

कड़ी सुरक्षा के बीच देश-विदेश के 551 शहरों में नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा आयोजित हुई, सीसीटीवी और जैमर की निगरानी में लाखों अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग लिया।

Razi Ahmad
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NEET Re Exam 2026 : देश और विदेशों में बनाए गए केंद्रों पर नीट-यूजी की पुनर्परीक्षा रविवार को अपराह्न दो बजे कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई। प्रश्नपत्र लीक होने के कारण तीन मई को हुई परीक्षा रद्द किए जाने के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) आज फिर से नीट-यूजी 2026 परीक्षा का आयोजन कर रही है।

पुनर्परीक्षा अपराह्न दो बजे से शाम 5.15 बजे तक होगी, जिसमें इस बार 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि यह परीक्षा भारत के 551 शहरों में 5,440 केंद्रों और विदेश में 14 केंद्रों पर आयोजित की जा रही है।

एनटीए के अनुसार, 95,000 से अधिक परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों ने बताया कि कुल 1,38,560 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी निगरानी राष्ट्रीय, राज्य और मंत्रालय स्तर पर ऑनलाइन तरीके से की जा रही है।

उन्होंने बताया कि परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए 51,311 जैमर लगाए गए हैं। दिल्ली में पुनः परीक्षा दे रहे अभ्यर्थी किशन ने कहा कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था पहले की परीक्षा की तुलना में अधिक सख्त है।

उन्होंने कहा, ‘‘पिछले एक महीने में बहुत कुछ हुआ है। मैंने जितनी हो सके उतनी तैयारी की है, और अब मैं सिर्फ परीक्षा देना चाहता हूं। मुझे बस यही उम्मीद है कि परीक्षा निष्पक्ष रूप से आयोजित हो।’’

दिल्ली में पुनर्परीक्षा दे रही सोनिया ने कहा कि वह इस बार पहले की परीक्षा की तुलना में अधिक तनाव महसूस कर रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पिछली परीक्षा के विपरीत इस बार पीने के पानी और कूलर की व्यवस्था की गई है, तथा सुरक्षा व्यवस्था भी और कड़ी कर दी गई है।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर पिछली बार भी ऐसी सुरक्षा व्यवस्था होती, तो प्रश्नपत्र लीक होने की आशंका कम होती और विद्यार्थियों को इतनी परेशानी नहीं झेलनी पड़ती।’’ ओडिशा में अभ्यर्थी पार्थसारथी राउत ने कहा कि वह मेडिकल कॉलेज में दाखिला पाने के लिए पुनर्परीक्षा में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेंगे। वहीं, एक खबर में कहा गया कि बुर्का पहने एक नीट अभ्यर्थी ने आरोप लगाया कि उसे राजस्थान के अजमेर में स्थित एक परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया।

अभ्यर्थी कुलसुम बानो ने दावा किया कि वह पहले की परीक्षा में भी शामिल हुई थीं।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं नीट परीक्षा देने के लिए ब्यावर से आई हूं। जब मैंने तीन मई को परीक्षा दी थी, तब भी मैं इसी तरह के कपड़े पहनकर आई थी-बुर्का और दुपट्टा। पहले उन्होंने कहा कि प्रवेश के लिए मुझे दुपट्टा हटाना होगा; फिर उन्होंने यह भी कहा कि मुझे बुर्का भी हटाना पड़ेगा।”

बानो ने कहा, ‘‘अगर एनटीए ने हमें अनुमति दी है, तो ये लोग हमें नहीं रोक सकते… अगर मुझे परीक्षा देनी है और वे मुझे इस पोशाक में अंदर नहीं जाने देते, तो मैं परीक्षा ही नहीं दूंगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मेरे लिए परीक्षा मायने नहीं रखती; मेरे लिए मेरा ‘बुर्का’ और मेरी पहचान मायने रखती है।’’ बाद में एनटीए ने स्पष्ट किया कि अभ्यर्थी को प्रवेश की अनुमति दे दी गई।

पुनर्परीक्षा से पहले, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अभ्यर्थियों से किसी तनाव या चिंता के बिना परीक्षा में शामिल होने की अपील की।
प्रधान ने रविवार को दिल्ली विश्वविद्यालय में आयोजित एक योग कार्यक्रम में कहा कि उन्हें एनटीए, राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, शिक्षा जगत और विद्यार्थियों पर पूरा भरोसा है।

लोगों से बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि से बचने की अपील करते हुए प्रधान ने कहा कि भारत की नयी पीढ़ी के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं किया जाना चाहिए।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।