
रांची : झारखंड की राजधानी रांची स्थित रिम्स से मरीजों की सुरक्षा और भोजन की गुणवत्ता को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। अस्पताल में भर्ती कई मरीजों की तबीयत भोजन में परोसे गए अंडे का सेवन करने के बाद अचानक खराब हो गई, जिससे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार, मरीजों को नियमित पौष्टिक आहार के तहत अंडा परोसा गया था। अंडा खाने के कुछ समय बाद पांच से छह मरीजों को उल्टी, पेट दर्द और दस्त जैसी समस्याएं होने लगीं। मरीजों में फूड प्वाइजनिंग जैसे लक्षण दिखाई देने पर उन्हें तत्काल निगरानी में रखा गया और उपचार शुरू किया गया।
घटना के बाद मरीजों के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मरीजों की तबीयत बिगड़ने के बावजूद समय पर पर्याप्त चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई। परिजनों के अनुसार काफी देर तक न तो डॉक्टर मौके पर पहुंचे और न ही पर्याप्त संख्या में स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे।
इस घटना के बाद अस्पताल की भोजन व्यवस्था और खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मरीजों और उनके परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
विरोध स्वरूप कई मरीजों ने रात का भोजन लेने से इनकार कर दिया और परोसा गया खाना वापस कर दिया। उनका कहना है कि अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित भोजन मिलना चाहिए। भोजन में लापरवाही मरीजों के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ है।
बताया जा रहा है कि एक ही वार्ड में कई मरीजों के एक साथ बीमार पड़ने के बाद मरीजों ने सामूहिक रूप से रिम्स प्रबंधन को शिकायत सौंपी। मामले की गंभीरता को देखते हुए रिम्स प्रशासन ने जांच के लिए एक समिति गठित कर दी है। प्रबंधन का कहना है कि भोजन के नमूनों की जांच कराई जा रही है और समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रभावित मरीजों के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है।

