हवा में तीर चला रहा है पर्यटन विभाग ! रोहतास में पर्यटन योजना पर उठे सवाल, अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप !

मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना-2026 के तहत रोहतास में चयनित पर्यटन स्थलों पर सवाल उठे हैं। शाहाबाद महोत्सव समिति ने जमीनी सर्वे कर नए स्थलों को शामिल करने की मांग की।

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पटना : राज्य सरकार की ‘मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना-2026’ के क्रियान्वयन को लेकर पर्यटन विभाग के अधिकारियों पर शाहाबाद महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष अखिलेश कुमार ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा पर्यटन और स्थानीय आर्थिक विकास को बढ़ावा देने की है, लेकिन विभागीय स्तर पर योजनाओं के चयन और क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है।

“हवा में तीर चला रहा है पर्यटन विभाग”

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन विकास को लेकर गंभीर है, लेकिन सचिवालय और जिला स्तर पर बैठे अधिकारी जमीनी अध्ययन के बजाय कागजी प्रक्रिया के आधार पर निर्णय ले रहे हैं। उनका आरोप है कि इससे सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं का उद्देश्य प्रभावित हो रहा है।

चयनित स्थलों पर उठाए सवाल

उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग द्वारा जारी ‘मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना-2026’ के तहत रोहतास जिले से मांझरकुंड, धुआंकुंड और शेरशाह सूरी के मकबरे को चयनित किया गया है। अखिलेश कुमार के अनुसार, मांझरकुंड और धुआंकुंड वस्तुतः एक ही जलप्रपात के दो हिस्से हैं, जिनके बीच की दूरी बहुत कम है। उनका दावा है कि इन स्थलों के आसपास योजना की पात्रता के अनुरूप पर्याप्त आबादी या गांव उपलब्ध नहीं हैं, जिससे स्थानीय लोग योजना का लाभ नहीं उठा सकेंगे।

शेरशाह मकबरे को लेकर भी जताई आपत्ति

उन्होंने कहा कि शेरशाह सूरी का मकबरा जिला मुख्यालय के बीच स्थित है, जहां पहले से होटल और लॉज की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध है। ऐसे में होमस्टे योजना का मूल उद्देश्य यहां प्रभावी रूप से पूरा होता नहीं दिखता।

इन स्थलों को चयनित करने की मांग

उन्होंने सुझाव दिया कि रोहतास जिले में रोहतासगढ़ किला, तुतला भवानी, कशिश वॉटरफॉल और महादेव खोह जैसे पर्यटन स्थलों को योजना में शामिल किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, इन स्थानों के चयन से स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिलेगा और पर्यटकों को भी बेहतर अनुभव प्राप्त होगा।

अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

उन्होंने आरोप लगाया कि पर्यटन विभाग के अधिकारी जमीनी अध्ययन किए बिना योजनाओं का चयन कर रहे हैं। उन्होंने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से ऐसे मामलों की समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।