झारखंड में बारिश ने मचाई हलचल! 10 जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा, 15 डैम के गेट खुले, नदियां भी खतरे के निशान से ऊपर

झारखंड में लगातार बारिश से 10 जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा, डैम के गेट खुले, जमशेदपुर में नदियां खतरे के निशान से ऊपर, रेल परिचालन भी प्रभावित।

4 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

 रांची: बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया का असर अब झारखंड में साफ दिखाई दे रहा है। रांची समेत राज्य के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। कई इलाकों में जलस्तर तेजी से बढ़ा है। मौसम की इस स्थिति को देखते हुए राज्य के 10 जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान फ्लैश फ्लड यानी अचानक बाढ़ का खतरा जताया गया है।

फ्लैश फ्लड गाइडेंस के मुताबिक, कई जलग्रहण क्षेत्रों और उनके आसपास के इलाकों में कम से मध्यम स्तर की अचानक बाढ़ का जोखिम है। यह चेतावनी बुधवार तक प्रभावी रहेगी। ऐसे में नदी-नालों के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है। जिन जिलों में फ्लैश फ्लड की आशंका जताई गई है, उनमें गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, खूंटी, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम शामिल हैं। लगातार बारिश के चलते कई डैम भी ओवरफ्लो होने लगे हैं। स्थिति को संभालने के लिए मंगलवार को चांडिल डैम के सभी 13 फाटक खोल दिए गए। इसके अलावा रांची के कांके और गेतलसूद डैम का एक-एक फाटक खोला गया। गेतलसूद डैम से करीब तीन इंच और कांके डैम से पांच इंच पानी बहाया गया।

जमशेदपुर में लगातार बारिश की वजह से खरकई और सुवर्णरेखा नदी का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से ऊपर है। हालांकि, राहत की बात यह है कि दोनों नदियों का जलस्तर अब धीरे-धीरे नीचे आने लगा है। इसके बावजूद पानी अभी खतरे के निशान से ऊपर है, इसलिए नदी किनारे और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को फिलहाल सतर्क रहने की जरूरत है।

बुधवार सुबह 6 बजे की रिपोर्ट के मुताबिक, खरकई नदी का जलस्तर आदित्यपुर ब्रिज पर 132.85 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 129.00 मीटर है। यानी खरकई नदी का पानी खतरे के निशान से 3.85 मीटर ऊपर है। हालांकि, नदी का जलस्तर अब गिर रहा है जो राहत की बात है।

 इसी तरह सुवर्णरेखा नदी का जलस्तर मानगो ब्रिज पर सुबह 6 बजे 122.78 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 121.50 मीटर है। यानी सुवर्णरेखा का जलस्तर खतरे के निशान से 1.28 मीटर ऊपर है। यहां भी पानी का स्तर अब कम होना शुरू हो गया है। वहीं, पलामू में बारिश का असर रेल परिचालन पर भी पड़ा है। मोहम्मदगंज और कोसियारा रेलवे स्टेशनों के बीच रेलवे ट्रैक पर बारिश का पानी पहुंच गया, जिसके कारण ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई। मंगलवार सुबह से ही ट्रेनों का परिचालन बाधित है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए रेलवे ने इस सेक्शन में धीमी गति से ट्रेन चलाने के लिए सावधानी बरतने का निर्देश जारी किया है। एहतियात के तौर पर डाउन लाइन को बंद कर दिया गया है। जांच पूरी होने के बाद इसे फिर से खोल दिया जाएगा।

Share This Article
विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।