कोलकाता: सत्यजीत रे फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एसआरएफटीआई) परिसर खाली करने के निर्देश के बावजूद अनिश्चितकालीन धरना जारी रखने वाले विद्यार्थियों ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि संस्थान प्रशासन उनके आंदोलन को दबाने के लिए उन्हें बुनियादी सुविधाओं से वंचित कर रहा है।

छात्रों ने बुधवार को विजयादशमी के अवसर पर जारी एक संदेश में कहा कि संस्थान की मेस 17 अक्टूबर से बंद है जबकि प्रशासन ने जिम, संगीत कक्ष और ‘न्यू सीआरटी’ तक उनकी पहुंच भी प्रतिबंधित कर दी है। न्यू सीआरटी में छात्र फिल्में देखते हैं।
छात्रों ने आरोप लगाया कि जारी आंदोलन के बीच बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच रोककर संस्थान प्रशासन सामूहिक दंड देने जैसी कार्रवाई कर रहा है।
परिसर में हिंसा की कई घटनाओं के बाद से विद्यार्थियों और संस्थान प्रशासन में जारी लंबे गतिरोध के बीच छात्रों के ये आरोप सामने आए हैं।
संस्थान ने 16 अक्टूबर को जारी एक नोटिस में फिल्म तथा इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल मार्केटिंग (ईडीएम) विभागों में नियमित शैक्षणिक गतिविधियां 13 नवंबर तक निलंबित कर दी थीं।
साथ ही, छात्रों को 24 घंटे के भीतर छात्रावास खाली कर परिसर छोड़ने का निर्देश दिया गया था।
छात्रों ने हालांकि परिसर छोड़ने से इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा कि वे परिसर की सुरक्षा और जवाबदेही से जुड़े मुद्दों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना और शैक्षणिक बहिष्कार जारी रखेंगे।
छात्रों के अनुसार, उनके आंदोलन का बृहस्पतिवार को 25वां दिन है।
यह आंदोलन 27 सितंबर को अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत (एबीजीपी) की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हुई झड़पों के बाद शुरू हुआ था।
छात्रों ने एबीजीपी को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ा संगठन बताया।
इसके बाद छात्रों ने परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करने, हिंसा में कथित रूप से शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और घटनाओं की स्वतंत्र जांच कराने के संबंध में लिखित आश्वासन देने की मांग की।


