नयी दिल्ली: सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने अक्टूबर, 2030 से कार के सभी नए मॉडल में उन्नत आपातकालीन ब्रेकिंग प्रणाली (एईबीएस) अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा है।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) ने 19 अक्टूबर, 2026 को जारी अधिसूचना के मसौदे में कहा कि अक्टूबर, 2030 से पहले पेश किए गए और तब भी उत्पादन में बने रहने वाले कार मॉडल में यह प्रणाली अक्टूबर, 2032 से अनिवार्य होगी।
एईबीएस ऐसी प्रणाली है जो आपात स्थिति में चालक के प्रतिक्रिया नहीं देने पर अपने आप ब्रेक लगा देती है। इससे दुर्घटना टालने या टक्कर के प्रभाव को कम करने में मदद मिलती है।
मसौदा अधिसूचना में कहा गया, ‘‘एक अक्टूबर, 2030 या उसके बाद निर्मित एम1 श्रेणी के वाहन में, नए मॉडल के मामले में और एक अक्टूबर, 2032 या उसके बाद निर्मित सभी मॉडल के मामले में, समय-समय पर संशोधित एआईएस-185 के अनुरूप उन्नत आपातकालीन ब्रेकिंग प्रणाली लगाना अनिवार्य होगा।’’
सरकार ने मध्यम और भारी वाणिज्यिक वाहनों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए खास तौर पर ब्रेकिंग प्रणाली से जुड़े कई उपाय अनिवार्य किए हैं।
ट्रक में ब्रेक के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए संशोधित ब्रेकिंग मानक एक अक्टूबर 2027 से अनिवार्य किया गया है।
इसके अलावा, ट्रक में इलेक्ट्रॉनिक स्थिरता नियंत्रण प्रणाली (एआईएस-162) भी एक अक्टूबर, 2027 से अनिवार्य होगी। यह प्रणाली खासकर मोड़ पर ब्रेक लगाने के दौरान वाहन को स्थिर रखने में मदद करती है।
मंत्रालय ने कहा कि नियमों के मसौदे पर भारत के राजपत्र में अधिसूचना की प्रतियां जनता के लिए उपलब्ध कराए जाने की तारीख से 30 दिन की अवधि समाप्त होने के बाद विचार किया जाएगा।


