रांची: झारखंड में मलेरिया, फाइलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, कालाजार और जापानीज इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियों पर लगाम कसने और उनके उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन झारखंड के राज्य आईईसी कोषांग की ओर से नामकुम स्थित लोक स्वास्थ्य संस्थान में 26 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक वैक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षात्मक बैठक और उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। NHM के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा की अध्यक्षता में चली इस पांच दिवसीय बैठक में राज्यभर के जिला वैक्टर जनित रोग पदाधिकारी, सलाहकार, तकनीकी सुपरवाइजर, मलेरिया निरीक्षक और डेटा एंट्री ऑपरेटर शामिल हुए।

ग्राम स्तर तक सुनिश्चित हो प्रभावी क्रियान्वयन

बैठक को संबोधित करते हुए अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने कहा कि वैक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए चलाई जा रही गतिविधियों का असरदार क्रियान्वयन सीधे ग्राम स्तर तक दिखना चाहिए। इसके लिए सभी विभागीय कर्मियों को आपसी तालमेल के साथ पूरी निष्ठा से काम करना होगा। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि संभावित मरीजों की त्वरित जांच, उनका पूर्ण उपचार और नियमित फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए। साथ ही जमीनी स्तर पर काम करने वाली ‘सहिया’ बहनों के मानदेय का भुगतान भी समय पर किया जाना चाहिए।
प्राथमिकता के आधार पर बांटी जाए मच्छरदानी
राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. रंजीत प्रसाद ने बैठक में कहा कि बीमारियों से बचाव उनके इलाज से हमेशा बेहतर होता है। उन्होंने निर्देश दिया कि सबसे पहले रोगी को मच्छरदानी के अंदर रखा जाए ताकि संक्रमण आगे न फैले, उसके बाद रोगी के परिजनों और अंत में आम जनसमुदाय को मच्छरदानी से आच्छादित किया जाए। उन्होंने सभी जिलों को निर्देश दिया कि फाइलेरिया के शुरुआती चरण के मरीजों का समय पर उपचार किया जाए। इसके साथ ही, हाइड्रोसिल के मरीजों का ऑपरेशन सुनिश्चित करने के लिए सभी जिले सप्ताह में दो दिन तय कर विशेष कैम्प मोड में ऑपरेशन कराएं।
साफ-सफाई और सुरक्षा उपायों पर विशेष ध्यान
आईईसी के राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ. राहुल किशोर सिंह ने कहा कि मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलने वाली मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से बचने के लिए आसपास साफ-सफाई रखना सबसे जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सोते समय हमेशा कीटनाशक उपचारित मच्छरदानी का प्रयोग करें और शाम या रात के समय पूरी बांह के कपड़े और पैंट-मोजे पहनकर रहें।


