रांची: दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली में झारखंड की भी अच्छी-खासी राजनीतिक भागीदारी देखने को मिली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर आयोजित विपक्ष की इस रैली में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, गांडेय विधायक कल्पना सोरेन समेत झारखंड के कई मंत्री, विधायक और वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

रैली में झारखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, पूर्व मंत्री बंधु तिर्की, खिजरी विधायक राजेश कच्छप और मनिका विधायक रामचन्द्र सिंह के साथ बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता भी पहुंचे। कांग्रेस ने झारखंड से करीब 12 हजार कार्यकर्ताओं के दिल्ली पहुंचने का दावा किया था। पार्टी के मुताबिक, राज्य के अलग-अलग जिलों से कार्यकर्ता बस, ट्रेन और निजी वाहनों के जरिए दिल्ली पहुंचे। रांची से ही 13 बसों में कार्यकर्ताओं और समर्थकों को राष्ट्रीय राजधानी के लिए रवाना किया गया था। पार्टी नेताओं ने इस रैली को लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए चलाए जा रहे अभियान का अहम पड़ाव बताया।

एसआईआर और चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष ने उठाए सवाल
रामलीला मैदान में आयोजित रैली के दौरान कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेताओं ने मतदाता सूची से कथित तौर पर पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने का मुद्दा उठाया। कांग्रेस का आरोप है कि एसआईआर की प्रक्रिया के जरिए बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं। पार्टी ने इसे लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया।
इससे पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने रांची में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया था कि झारखंड से बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता महारैली में शामिल होंगे। उन्होंने भाजपा पर संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा था कि एसआईआर के नाम पर पात्र मतदाताओं को उनके वोट देने के अधिकार से वंचित करने की साजिश की जा रही है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
कांग्रेस ने इस महारैली के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और चुनाव आयोग की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता और मताधिकार की सुरक्षा का सवाल उठाया। रविवार को हुई इस महारैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत इंडिया गठबंधन के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। झारखंड के मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों की मौजूदगी से राज्य में भी एसआईआर और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गए हैं।


