रांची : सामाजिक कार्यकर्ता और आदिवासी आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाने वाली निशा भगत की मौत का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ने लगा है। इस मामले को लेकर भाजपा ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा ने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने और नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।

शनिवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पूर्व सांसद और भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष समीर उरांव ने निशा भगत की मौत पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने मामले को गंभीर साजिश बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। हालांकि, मौत के कारणों और आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

समीर उरांव ने कहा कि निशा भगत ने अपनी मौत से पहले सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। ऐसे आरोपों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने अजय तिर्की की गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि मामले में जिन अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं, उनके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
हेमंत सरकार पर साधा निशाना
समीर उरांव ने राज्य सरकार पर आदिवासी समाज के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य में आदिवासी समाज से जुड़ी कई घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन सरकार की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने संथाल परगना और सरायकेला-खरसावां की घटनाओं का भी जिक्र करते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
भाजपा ने आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी
भाजपा नेता ने बताया कि निशा भगत के पिता की ओर से थाने में मामला दर्ज कराया गया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि प्राथमिकी में नामजद आरोपियों के खिलाफ अविलंब कार्रवाई की जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो।
समीर उरांव ने चेतावनी दी कि यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो भाजपा सीबीआई जांच की मांग को लेकर अपना आंदोलन और तेज करेगी।


