बिहार जैसी नियमावली ही लागू होगी झारखंड के पारा शिक्षकों पर, सरकार ने लिया फैसला

झारखंड के पारा शिक्षक भी बिहार के पारा शिक्षकों की तरह ही 60 वर्ष की आयु तक पारा शिक्षक के तौर पर नौकरी कर पायेंगे

रांची : झारखंड के पारा शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर आयी है। झारखंड के पारा शिक्षकों की सेवा शर्त नियमावली को लेकर सरकार ने फैसला ले लिया है।

नियमावली को लेकर बनी उच्चस्तरीय कमिटी की मंत्री जगरनाथ महतो की अध्यक्षता में सोमवार को हुई बैठक में यह फैसला लिया गया है।

फैसला यह लिया गया है कि बिहार के नियोजित शिक्षकों के लिए जो नियमावली लागू की गयी है, वही नियमावली अब झारखंड के पारा शिक्षकों के लिए भी लागू होगी।

इसका अर्थ यह है कि अब झारखंड के पारा शिक्षक भी बिहार के पारा शिक्षकों की तरह ही 60 वर्ष की आयु तक पारा शिक्षक के तौर पर नौकरी कर पायेंगे। साथ ही, अन्य सुविधाएं भी उन्हें मिलेंगी।

हालांकि, पेंशन की सुविधा नहीं मिलेगी। फैसले में यह भी कहा गया है कि झारखंड में कार्यरत सभी पारा शिक्षकों को पात्रता परीक्षा देनी होगी। जो इस परीक्षा में पास होंगे, उन्हें नौकरी पर रखा जायेगा।

इस नियमावली के तहत ये होंगे प्रावधान

इस नियमावली के तहत बिहार की ही तर्ज पर झारखंड के पारा शिक्षकों को (प्राइमरी, मिडिल और हाई स्कूल टीचर) की तर्ज पर वेतनमान दिया जायेगा। महिलाओं को मातृत्व अवकाश और लाभ मिलेगा।

इसके अलावा सरकारी अवकाश की सुविधा दी जायेगी। सरकारी सेवा की तरह ही पारा शिक्षक भी 60 साल आयु में रिटायर होंगे। पेंशन को छोड़कर अन्य सभी सरकारी सुविधाएं उन्हें दी जायेंगी।

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