बोकारो ट्रेजरी घोटाला: जांच में बड़ा खुलासा, अकाउंटेंट के साथ DSP और ट्रेजरी अफसर की भूमिका भी सवालों के घेरे में

बोकारो ट्रेजरी घोटाले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। फर्जी पुलिसकर्मियों के नाम पर करोड़ों रुपये की निकासी मामले में अकाउंटेंट के साथ अधिकारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में है।

Razi Ahmad
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Bokaro Treasury Scam: बोकारो ट्रेजरी घोटाले की जांच कर रही उच्चस्तरीय समिति ने अपनी जांच लगभग पूरी कर ली है। उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के प्रधान सचिव अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में गठित विशेष जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट में अकाउंटेंट कौशल किशोर पांडेय के साथ-साथ तत्कालीन डीएसपी अनिमेष गुप्ता और संबंधित कोषागार पदाधिकारी की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं।

फर्जी पुलिसकर्मियों के नाम पर होती थी निकासी

जांच में सामने आया है कि अकाउंटेंट कौशल किशोर पांडेय वेतन भुगतान से जुड़े बिल तैयार करने का काम करता था। कार्यालय रिकॉर्ड में वह वास्तविक पुलिसकर्मियों और अधिकारियों का विवरण दर्ज करता था, लेकिन ट्रेजरी को भेजे जाने वाले ऑनलाइन बिल में अतिरिक्त फर्जी नाम जोड़ देता था।

बताया गया है कि इन फर्जी कर्मियों के लिए अस्थायी आईडी बनाई गई थी और उनके बैंक खातों की जगह आरोपी, उसकी पत्नी तथा रिश्तेदारों के खातों की जानकारी दर्ज की जाती थी। इसके जरिए वेतन मद की राशि सीधे संबंधित खातों में पहुंच जाती थी।

बोकारो ही नहीं, हजारीबाग में भी अपनाया गया था यही तरीका

जांच समिति के अनुसार, यह फर्जीवाड़ा केवल बोकारो तक सीमित नहीं था। कौशल किशोर पांडेय ने हजारीबाग में भी इसी तरीके से वर्षों तक अवैध निकासी की। प्रारंभिक आकलन के मुताबिक वह बोकारो में 5 से 6 वर्षों और हजारीबाग में करीब 11 वर्षों तक इस तरह की गतिविधियों में शामिल रहा।

DSP और ट्रेजरी अफसर की लापरवाही पर सवाल

समिति ने पाया कि वेतन विपत्रों पर बिना पर्याप्त जांच-पड़ताल के हस्ताक्षर किए गए। जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित दस्तावेज वरिष्ठ लेखा अधिकारियों को नहीं दिखाए जाते थे।

रिपोर्ट में कहा गया है कि चाहे यह लापरवाही हो या अनभिज्ञता, लेकिन डीडीओ के रूप में तत्कालीन डीएसपी अनिमेष गुप्ता और संबंधित ट्रेजरी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी निर्वहन करने में विफल रहे। अंतिम रिपोर्ट में उनकी भूमिका और जवाबदेही को विस्तार से शामिल किया जाएगा।

10 करोड़ से अधिक की अवैध निकासी का मामला

गौरतलब है कि घोटाले के खुलासे के बाद अकाउंटेंट कौशल कुमार पांडेय, एक एएसआई और एक होमगार्ड जवान समेत कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच एजेंसियों के अनुसार बोकारो ट्रेजरी से 10 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध निकासी की गई।

मामले की जांच कर रही अपराध जांच विभाग ने अब तक लगभग 1.8 करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट राशि को फ्रीज किया है। अंतिम जांच रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में और कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।