Illegal Coal: कोयला चोरी और अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने बीएंडके क्षेत्र में व्यापक छापेमारी अभियान चलाकर बड़ी सफलता हासिल की है। अभियान के दौरान विभिन्न स्थानों से कुल 4.42 टन अवैध कोयला बरामद किया गया, जिसे बाद में सीसीएल प्रबंधन को सौंप दिया गया।

जानकारी के अनुसार, सीआईएसएफ की टीम ने बीएंडके एरिया अंतर्गत कोयला चोरी और अवैध भंडारण के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। इस दौरान ढोरी क्षेत्र के तारमी रेलवे साइडिंग, मेनसोल कंपनी क्षेत्र तथा ताराबेड़ा गांव जाने वाले सड़क मार्ग पर सघन तलाशी अभियान चलाया गया।
छापेमारी के दौरान उक्त स्थानों से अवैध रूप से जमा कर रखा गया 2.410 टन कोयला बरामद किया गया। इसके अलावा बोकारो और करगली क्षेत्र के खासमहल इलाके में भी कार्रवाई करते हुए 2.010 टन अवैध कोयला जब्त किया गया। दोनों स्थानों से बरामद कोयले की कुल मात्रा 4.42 टन बताई गई है।
सीआईएसएफ अधिकारियों के अनुसार, अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ लगातार निगरानी रखी जा रही है और खुफिया सूचनाओं के आधार पर नियमित रूप से छापेमारी अभियान चलाए जा रहे हैं। इस कार्रवाई का उद्देश्य कोयला चोरी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
अभियान में सीआईएसएफ के सब-इंस्पेक्टर संतोष कुमार तिवारी, संदीप कुमार और राहुल के साथ प्रधान आरक्षक संदीप कुमार, प्रताप शंकर कुमार तथा क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) के जवानों ने सक्रिय भूमिका निभाई। अधिकारियों ने अभियान में शामिल जवानों की तत्परता और कार्यकुशलता की सराहना की।
कोयला क्षेत्र में अवैध खनन और चोरी लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रही है। ऐसे में सीआईएसएफ की यह कार्रवाई अवैध कारोबार में संलिप्त तत्वों के लिए कड़ा संदेश मानी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि भविष्य में भी इस तरह के अभियान जारी रहेंगे और अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सीसीएल प्रबंधन को सौंपे गए बरामद कोयले के संबंध में आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। वहीं सुरक्षा बलों ने क्षेत्र में निगरानी और गश्त बढ़ाने का भी निर्णय लिया है ताकि कोयला चोरी की घटनाओं को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।


