
नयी दिल्ली: कांग्रेस ने अयोध्या के राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन को लेकर रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तीखा हमला किया और इसे उनके तंत्र द्वारा किया गया ‘‘घोटाला’’ करार देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस मामले पर ‘‘पूरी तरह चुप्पी साधे हुए’’ हैं।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि भाजपा की तीन सूत्री रणनीति है-‘‘वोट चोरी, सीट चोरी और चंदा चोरी।’’
उन्होंने इस मुद्दे पर आरएसएस के बयान की भी आलोचना करते हुए उसे ‘‘अपमानजनक और शर्मनाक’’ बताया। रमेश ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, ‘‘चंदे की चोरी हुई है और इसमें किसी तरह का संदेह नहीं है। आरएसएस का बयान अपमानजनक और शर्मनाक है। ये वे लोग हैं जो दूसरों को ईमानदारी, सत्यनिष्ठा और राष्ट्रवाद का प्रमाणपत्र देते हैं लेकिन अब वे खुद बेहद अपमानजनक एवं शर्मनाक तरीके से पकड़े गए हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हजारों करोड़ रुपये का चंदा हड़प लिया गया। उच्चतम न्यायालय के किसी मौजूदा न्यायाधीश से इसकी जांच निश्चित रूप से कराई जानी चाहिए और सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए लेकिन प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की चुप्पी चौंकाने वाली है।’’
कांग्रेस के संचार विभाग के प्रभारी महासचिव ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले राम मंदिर के निर्माण और 22 जनवरी 2024 को उसके उद्धाटन का श्रेय लिया था लेकिन इसके बाद उनकी पार्टी अयोध्या में चुनाव हार गई। हम अपेक्षा करते हैं कि प्रधानमंत्री इस मामले पर बयान देंगे लेकिन वे पूरी तरह चुप हैं।’’
रमेश ने ‘‘चुनावी अनियमितताओं’’ को लेकर कांग्रेस द्वारा पहले लगाए आरोपों और मध्यप्रदेश से पार्टी की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज किए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा की तीन सूत्री रणनीति ‘‘वोट चोरी, सीट चोरी और चंदा चोरी’’ है।
उन्होंने कहा, ‘‘चुनावी बॉण्ड योजना को याद कीजिए। उच्चतम न्यायालय ने उसे रद्द कर दिया था। उसके जरिए सैकड़ों करोड़ रुपये जुटाए गए-‘चंदा दो, धंधा लो’। चंदे का यह पूरा कारोबार भाजपा की कार्यशैली का हिस्सा है।’’ रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी जानते हैं कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में शामिल लोग उसका हिस्सा इसलिए हैं, क्योंकि भाजपा और आरएसएस उन पर भरोसा करते हैं। यह सोचना कल्पना से परे है कि आरएसएस, प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री को यह पता नहीं था कि क्या हो रहा है। हर किसी को इसकी जानकारी थी। यह पूरी कवायद राजनीतिक थी और चंदा एवं ट्रस्ट भी उसका हिस्सा थे।’’
कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव रह चुके नृपेंद्र मिश्रा क्या कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘यह बेहद मजबूत और आपस में जुड़ा हुआ तंत्र है। इसमें किसी की नजर से कुछ भी नहीं बचता।’’ रमेश ने आरोप लगाया कि लोगों से हजारों करोड़ रुपये एकत्र किए गए और कांग्रेस नेताओं समेत अनेक लोगों ने स्वेच्छा से चंदा दिया लेकिन अब यह संदेह से परे साबित हो गया है कि बड़े पैमाने पर गबन हुआ है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह भाजपा-आरएसएस के तंत्र द्वारा किया गया घोटाला है और प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री इस पर पूरी तरह चुप हैं।’’
चढ़ावे में कथित गबन का मामला उस समय सामने आया था जब उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपी थी। इसके बाद 25 जून को प्राथमिकी दर्ज की गई।
बाद में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि उनमें से छह लोगों से अब तक करीब 80 लाख रुपये नकद और कुछ विदेशी मुद्रा बरामद की गई हैं। मामले की जांच जारी है।

