
Police Firing Training : पुलिस बल की कार्यकुशलता, हथियार संचालन क्षमता और आपात परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया को मजबूत बनाने के उद्देश्य से धनबाद पुलिस ने वार्षिक फायरिंग दक्षता अभ्यास अभियान की शुरुआत कर दी है। झारखंड सशस्त्र पुलिस-3 के फायरिंग रेंज में आयोजित इस विशेष अभियान में जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया और विभिन्न परिस्थितियों में निशानेबाजी का अभ्यास किया।
अभियान के शुभारंभ के दौरान उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन और वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने स्वयं फायरिंग कर निशानेबाजी की दक्षता का प्रदर्शन किया। अधिकारियों ने लेटकर, बैठकर, घुटनों के बल तथा खड़े होकर विभिन्न पोजीशन में फायरिंग का अभ्यास किया। इस दौरान लक्ष्य भेदन की सटीकता और हथियार संचालन के विभिन्न पहलुओं का मूल्यांकन किया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस तरह के नियमित प्रशिक्षण से जवानों की फायरिंग क्षमता में सुधार होता है और वे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अधिक प्रभावी ढंग से कार्य कर पाते हैं। अभ्यास के दौरान हथियारों के सुरक्षित उपयोग, रिकॉइल कंट्रोल, सांसों के संतुलन और ट्रिगर संचालन जैसी महत्वपूर्ण तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
फायरिंग रेंज की आधारभूत सुविधाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में भी प्रशासन ने पहल की है। उपायुक्त आदित्य रंजन ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्थल का निरीक्षण करने का निर्देश दिया और वर्षा जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा। उन्होंने रेंज क्षेत्र के आसपास ट्रेंच कटिंग कर पानी को सुरक्षित दिशा में प्रवाहित करने की योजना पर भी जोर दिया।
वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने बताया कि यह अभियान 18 जून से 30 जून तक चलेगा। इस दौरान जिले के सभी पुलिस पदाधिकारी और जवान फायरिंग दक्षता परीक्षण में शामिल होंगे। कुल 2586 पुलिसकर्मियों की निशानेबाजी क्षमता का आकलन किया जाएगा और निर्धारित मानकों के आधार पर उनका मूल्यांकन किया जाएगा।
पुलिस विभाग का मानना है कि नियमित प्रशिक्षण और अभ्यास से जवानों का आत्मविश्वास बढ़ता है तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान उनकी कार्यक्षमता में सुधार आता है। साथ ही, किसी भी आपात स्थिति में सटीक और त्वरित कार्रवाई करने की क्षमता भी विकसित होती है।
धनबाद पुलिस का यह अभियान बल को अधिक पेशेवर, सक्षम और तकनीकी रूप से दक्ष बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे ताकि पुलिस बल हर चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना कर सके।

