गैंगस्टर अमन श्रीवास्तव को सुप्रीम कोर्ट से राहत, जमानत के खिलाफ झारखंड सरकार की SLP खारिज

गैंगस्टर अमन श्रीवास्तव की जमानत के खिलाफ झारखंड सरकार को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा। अदालत ने राज्य की SLP खारिज करते हुए हाईकोर्ट के जमानत आदेश में दखल से इनकार किया।

Razi Ahmad
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रांची: गैंगस्टर अमन श्रीवास्तव को मिली जमानत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार को झटका दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाईकोर्ट के जमानत आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए राज्य सरकार की विशेष अनुमति याचिका (SLP) खारिज कर दी।

मामले की सुनवाई जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने की। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि मामले में गवाहों के बयान और साक्ष्य दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब ट्रायल में बहस की प्रक्रिया चल रही है।

इन परिस्थितियों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया।

हाईकोर्ट के जमानत आदेश को राज्य सरकार ने दी थी चुनौती

झारखंड हाईकोर्ट ने 9 मार्च 2026 को ATS थाना कांड संख्या 10/2023 में अमन श्रीवास्तव को जमानत दी थी। हाईकोर्ट के इस फैसले को झारखंड सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

राज्य सरकार की ओर से दायर SLP में अमन श्रीवास्तव को मिली जमानत रद्द करने की मांग की गई थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने अब इस याचिका को खारिज कर दिया है।

लंबे समय से जेल में रहने को भी माना था आधार

हाईकोर्ट की खंडपीठ ने जमानत देते समय अमन श्रीवास्तव के लंबे समय से जेल में रहने समेत मामले की परिस्थितियों को ध्यान में रखा था। अदालत ने UAPA की धारा 43D(5) के तहत जमानत से जुड़ी कड़ी शर्तों पर भी विचार किया था।

हाईकोर्ट ने 10 हजार रुपये के जमानत बॉन्ड और समान राशि के दो जमानतदारों के आधार पर रिहाई का आदेश दिया था।

इसके साथ ही अमन श्रीवास्तव को ट्रायल पूरा होने तक निचली अदालत में हर तारीख पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की शर्त भी लगाई गई थी। हालांकि, उचित कारण होने पर अदालत से व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट ली जा सकती है।

सह आरोपियों से अलग माना गया था मामला

हाईकोर्ट ने अमन श्रीवास्तव की स्थिति को मामले के कुछ सह आरोपियों से अलग माना था। अदालत के सामने रखे गए रिकॉर्ड के मुताबिक, कुछ आरोपियों के बयानों में अमन श्रीवास्तव की भूमिका का जिक्र था, लेकिन उनसे सीधे बातचीत या उनके निर्देश मिलने की बात स्पष्ट रूप से सामने नहीं आई थी।

इसी आधार पर हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ लगे आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए जमानत देना उचित माना था।

49.83 लाख रुपये की बरामदगी से जुड़ा है मामला

यह मामला जुलाई 2023 का है। ATS को सूचना मिली थी कि अमन श्रीवास्तव गिरोह से जुड़े कुछ लोग कथित वसूली की रकम लेकर रांची की ओर आ रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक सफेद स्कॉर्पियो को रोका था।

तलाशी के दौरान वाहन से एजाज अंसारी और मिंकू खान उर्फ शाहरियार को पकड़ा गया। वाहन की पिछली सीट के नीचे रखे एक बैग से 49.83 लाख रुपये नकद बरामद होने की बात सामने आई थी।

इस मामले में ATS ने IPC की धारा 385, 386 और 34 के अलावा UAPA की धारा 16, 17, 20 और 21 के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट दाखिल की गई और अदालत ने मामले में संज्ञान लिया।

23 फरवरी 2024 को आरोप तय किए गए थे, जिसके बाद ट्रायल शुरू हुआ। अब साक्ष्य दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी होने और बहस की स्थिति को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अमन श्रीवास्तव की जमानत के खिलाफ राज्य सरकार की याचिका खारिज कर दी है।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।