
Human Trafficking India : रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने हटिया रेलवे स्टेशन पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक मानव तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी नौकरी दिलाने का झांसा देकर तीन नाबालिग लड़कों को बेंगलुरु ले जा रहा था। समय रहते कार्रवाई कर सभी बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया।
यह कार्रवाई 25 अप्रैल को ऑपरेशन आहट के तहत मानव तस्करी और बाल श्रम विरोधी विशेष अभियान में की गई। अभियान पोस्ट कमांडर हटिया, महिला सेल रांची और सीबीआई रांची के सहयोग से चलाया गया।
स्टेशन के मुख्य द्वार पर पकड़ा गया आरोपी
जांच के दौरान शाम करीब 5 बजे हटिया रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार पर तीन नाबालिग लड़कों और एक संदिग्ध युवक को रोका गया। पूछताछ में नाबालिगों की पहचान पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के रहने वाले किशोरों के रूप में हुई, जबकि आरोपी की पहचान नयन कुमार (27 वर्ष) निवासी पुरुलिया, पश्चिम बंगाल के रूप में हुई।
नौकरी के नाम पर बेंगलुरु ले जा रहा था
नाबालिगों ने पूछताछ में बताया कि आरोपी उन्हें नौकरी दिलाने के बहाने बेंगलुरु ले जा रहा था। वे ट्रेन संख्या 18367 से हटिया से एसएमवीटी बेंगलुरु जाने वाले थे। बच्चों ने बताया कि वे आरोपी को पहले से नहीं जानते थे।
उन्होंने यह भी बताया कि उनके गांव से पहले भी कई बच्चों को काम दिलाने के नाम पर बाहर ले जाया गया है।
निर्माण स्थलों पर मजदूर सप्लाई करता था आरोपी
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह बेंगलुरु में निर्माण स्थलों पर मजदूर सप्लाई करता है और प्रति मजदूर 300 से 400 रुपये मासिक कमीशन लेता था। वह गरीब परिवारों को पैसे देकर बच्चों को काम पर भेजने के लिए तैयार करता था।
उसके पास से दो मोबाइल फोन, आधार कार्ड की प्रतियां और रेलवे टिकट बरामद किए गए। जांच में यह भी सामने आया कि उसे फोनपे के जरिए 25 हजार रुपये भेजे गए थे।
बच्चों को भेजा गया बाल आश्रय गृह
कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को आगे की कार्रवाई के लिए एएचटीयू कोतवाली, रांची को सौंप दिया गया। वहीं रेस्क्यू किए गए तीनों बच्चों को बाल आश्रय गृह भेजा गया है।
RPF की सराहनीय कार्रवाई
रेलवे सुरक्षा बल ने कहा कि मानव तस्करी और बाल श्रम के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। इस सफल कार्रवाई में कई अधिकारियों और कर्मचारियों की अहम भूमिका रही।

