देश की Economy को मजबूत करने में IT Companies की अहम भागीदारी, Infosys देगी 55,000 युवाओं को रोजगार

महिला कर्मचारियों की संख्या 2 लाख के पार

नई दिल्लीः कोरोना काल में भी IT Companies लगातार देश की Economy को मजबूत करने में सहायता कर रही हैं। देश की प्रमुख सॉफ्टवेयर कंपनी Infosys का कहना है कि चालू वित्त वर्ष में 55,000 से ज्यादा नए लोगों को नौकरी देगी।

Important participation of IT companies in strengthening the economy of the country

निवेश करना कंपनी की प्रायोरिटी

आईटी सेक्टर की प्रमुख कंपनी इंफोसिस के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नीलांजन रॉय (Nilanjan Roy) का कहना है कि कंपनी के टैलेंट पूल को बढ़ाने और उसे और बेहतर बनाने में निवेश करना कंपनी की प्रायोरिटी बनी रहेगी। अपने ग्लोबल हायरिंग प्रोग्राम के तहत वित्त वर्ष 2021-2022 में कंपनी 55,000 से अधिक भर्तियां करने वाली है।

मुनाफे में IT Companies

TCS, Infosys और Wipro जैसी दिग्गज कंपनियों ने बुधवार को अपने तिमाही परिणाम जारी किए। अक्टूबर-दिसंबर 2021 में ये तीनों कंपनियां भारी मुनाफे में रही हैं। वित्त वर्ष 2020-21 की इसी अवधि में Infosys का नेट प्रॉफिट 5,197 करोड़ रुपये था जो अब बढ़कर 5,809 करोड़ रुपये हो गया है।
इसी तरह TCS ने इस अवधि में 9,769 करोड़ रुपये और Wipro ने 2,970 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हासिल किया है।

बढ़ी महिला कर्मचारियों की भागीदारी

Infosys ने जानकारी दी कि दिसंबर 2020 तक कंपनी के टोटल एम्प्लॉइज की संख्या 2,49,312 थी, जो दिसंबर 2021 में बढ़कर 2,92,067 हो गई। कंपनी के कुल कर्मचारियों में महिला कर्मचारियों की संख्या 39.6% है।
इसी तरह TCS ने बताया कि उसके कुल एम्प्लॉइज की संख्या 5,56,986 हो चुकी है। इसमें से महिला कर्मचारियों की संख्या 2 लाख को पार कर चुकी है। वहीं Wipro के कुल कर्मचारी 2,31,671 हो गई है. इसमें से 41,000 से ज्यादा कर्मचारी इसी तिमाही में भर्ती हुए हैं।
TCS ने अपने शेयर होल्डर्स के लिए 7 रुपये प्रति शेयर और Wipro ने 1 रुपये प्रति शेयर का लाभांश देने की भी घोषणा की है।

निर्माण को बढ़ावा देने के लिए लक्ष्य

  • मध्यम अवधि में निर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर में प्रति वर्ष 12-14% वृद्धि करने का उद्देश्य
  • 2022 तक देश के सकल घरेलू उत्पाद में विनिर्माण की हिस्सेदारी में 16% से 25% की वृद्धि
  • विनिर्माण क्षेत्र में वर्ष 2022 तक 100 मिलियन अतिरिक्त रोजगार के अवसर पैदा करना
  • समावेशी विकास के लिए ग्रामीण प्रवासियों और शहरी गरीबों के बीच उचित कौशल का निर्माण
  • घरेलू मूल्य संवर्धन और निर्माण में तकनीकी गहराई में वृद्धि
  • भारतीय विनिर्माण क्षेत्र की वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाना
  • विशेष रूप से पर्यावरण के संबंध में विकास की स्थिरता सुनिश्चित करना

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