
Jharkhand Land Scam: झारखंड के चर्चित 8.86 एकड़ जमीन फर्जीवाड़ा और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपियों को अदालत से बड़ा झटका लगा है। पीएमएलए की विशेष अदालत ने जमीन के रैयत राजकुमार पाहन और आर्किटेक्ट विनोद कुमार सिंह द्वारा दाखिल डिस्चार्ज याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
गौरतलब है कि इससे पहले 8 जून को इसी मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की डिस्चार्ज याचिका भी अदालत ने खारिज कर दी थी। अब मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप गठन की कार्रवाई होने की संभावना है।
जानकारी के अनुसार, मामले में नामजद कई आरोपियों ने स्वयं को निर्दोष बताते हुए अदालत में डिस्चार्ज याचिका दाखिल की थी। हालांकि अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर याचिकाओं को स्वीकार नहीं किया।
यह मामला 8.86 एकड़ जमीन के कथित फर्जीवाड़े और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग आरोपों से संबंधित है, जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कर रहा है। जांच के दौरान ईडी ने कई स्थानों पर छापेमारी की थी और आर्किटेक्ट विनोद कुमार सिंह सहित कई लोगों से पूछताछ की थी। एजेंसी ने उन्हें समन जारी कर अपने कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश भी दिया था।
मामले की जांच के दौरान ईडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी पूछताछ के लिए लगातार 10 समन भेजे थे। इसके बाद 31 जनवरी 2024 को लंबी पूछताछ के पश्चात ईडी ने हेमंत सोरेन को गिरफ्तार किया था। बाद में 28 जून 2024 को उन्हें झारखंड हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी।
जांच एजेंसी ने इस मामले में जेएमएम नेता अंतू तिर्की समेत कई जमीन कारोबारियों और अन्य संदिग्धों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। जांच पूरी होने के बाद ईडी ने करीब डेढ़ दर्जन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। राजकुमार पाहन और विनोद कुमार सिंह भी इस मामले में चार्जशीटेड आरोपी हैं।
अब अदालत द्वारा डिस्चार्ज याचिका खारिज किए जाने के बाद मामले की सुनवाई अगले चरण में प्रवेश करेगी, जहां आरोप तय किए जाने और ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

