बोकारो में गाड़ी के नीचे दबकर बच्ची की मौत

आनन फानन में खून से लतपत बच्चे को उचित इलाज के लिए बोकारो जनरल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे अभी आईसीयू में भर्ती किया गया है

News Desk
3 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

“Girl Crushed to Death by Vehicle in Bokaro”: बोकारो (Bokaro) सिटी थाना क्षेत्र के एलएच झोपड़ी कॉलोनी स्ट्रीट 13 में पानी लदे वाहन के नीचे आने से बच्चे की माैत हाे गई।

बताया जाता है कि Colony में छोटा हाथी वाहन में पानी की टंकी रखकर घर-घर पानी जाकर बेचने का कार्य होता है। हर दिन की तरह बुधावार काे भी यह वाहन पानी बांटने झोपड़ी कॉलोनी में आया।

इसी दरमियान यह गाड़ी स्ट्रीट 13 में रहने वाले प्रहलाद यादव के घर के पास रुकी और पानी बांटना शुरू करने ही वाली थी, कि इस क्रम में प्रहलाद यादव की पत्नी राखी देवी पानी लेने अपने घर से बाहर निकली।

जब वह गाड़ी से पानी ले रही थी। इस दौरान उनका दो वर्ष का पुत्र घर से बाहर निकाल कर ना जाने कब गाड़ी के पास चला गया ,और गाड़ी के पीछे खड़ा हो गया। गाड़ी में बाजा बहुत जोर से बज रहा था।

कुछ देर के बाद चालक ने यह बिना आगे पीछे जांच किए , चालक ने गाड़ी आगे बढ़ा दी। इसी क्रम में गाड़ी का चक्का बच्चे के सिर पर चढ़ गया और बुरी तरह से फट गया। बच्चों की रोने की आवाज सुनते ही मां ने अपने बच्चे को गाड़ी के नीचे पाया।

स्थानीय लोगों के शोर मचाने पर चालक भागने की कोशिश करने लगा। लेकिन लोगों ने उसे पड़कर रखा और इस घटना की सूचना थाने में दे दी गई। सूचना पाते ही प्रशासन मौके पर पहुंची और चालक को अपने कब्जे में ले लिया। लोगों ने यह भी बताया कि गाड़ी चालक के पास कोई लाइसेंस नहीं है वह बिना लाइसेंस के गाड़ी चला रहा था।

आनन फानन में खून से लतपत बच्चे को उचित इलाज के लिए बोकारो जनरल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे अभी ICU में भर्ती किया गया है।

पुलिस के कहने पर स्थानीय लोगों ने चालक को पुलिस के सुपुर्द कर दिया लेकिन गाड़ी को अपने कब्जे में रखा। स्थानीय लोग और परिजनों की मांग है कि जब तक बच्चों के इलाज का पूरा खर्चा नहीं मिल जाता तब तक वह गाड़ी को नहीं छोड़ेंगे।

इसी दौरान गिरिडीह लोकसभा प्रत्याशी ज्ञानेश्वर प्रसाद उर्फ गुड्डू साहू ने बताया कि प्रशासन इस घटना को अनदेखा कर रही है और लगातार चालक के साथ गाड़ी को छुड़ाने की कोशिश कर रही है।

लेकिन जब तक बच्चों के उचित इलाज के लिए प्रशासन द्वारा लिखकर आश्वासन नहीं दिया जाता तब तक हम और स्थानीय लोग गाड़ी को नहीं छोड़ेंगे।

Share This Article