मंत्रिपरिषद की बैठक में CM हेमंत सोरेन ने लिए कई अहम फैसले, मूल वेतन और महंगाई भत्ता के योग का 14% राशि निर्धारित करने की स्वीकृति

सेवाकाल में मृत सरकारी सेवक के आश्रित की अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति से संबंधित नीति में संशोधन की स्वीकृति दी गई

रांची: झारखंड मंत्रालय में 29 जून 2021 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।

★ सेवाकाल में मृत सरकारी सेवक के आश्रित की अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति से संबंधित नीति में संशोधन की स्वीकृति दी गई।

★ झारखंड राज्य के एनoपीoएसo  कर्मियों के लिए सरकारी अंशदान की राशि में वृद्धि करते हुए मूल वेतन एवं महंगाई भत्ता के योग का 14% राशि निर्धारित करने की स्वीकृति दी गई।

★ केंद्र प्रायोजित नई योजना “प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (केंद्रांश 60: राज्यान्श 40)” की चालू वित्तीय वर्ष 2020-21 में 85 करोड़ 70 लाख 30 हजार रुपए मात्र की लागत एवं केंद्र सरकार द्वारा चालू तथा आगे के वित्तीय वर्षों में वर्षवार निर्गत प्रशासनिक अनुमोदन एवं विमुक्त केंद्रांश के आलोक में बजटीय उपबंध के अनुरूप योजना कार्यान्वयन की घट्नोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ वाणिज्य-कर न्यायाधिकरण के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति से संबंधित निर्गत अधिसूचना संख्या-1078 दिनांक 11 मई 2021 पर घट्नोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ अनिल कुमार सिंह, वन क्षेत्र पदाधिकारी, पाकुड़ प्रक्षेत्र, पाकुड़ वन प्रमंडल द्वारा सरकारी सेवा में रहते हुए सरकार के द्वारा चलाए जा रहे कार्यों, नीतियों के विरुद्ध वाद दायर करने तथा विभागीय दायित्वों के निर्वहन में बरती गई अनियमितता/अनुशासनहीनता के आलोक में झारखंड सेवा संहिता के नियम-74 (ख) ( iii ) अंतर्गत अनिवार्य सेवा निवृत्ति देने की स्वीकृति दी गई।

★झारखंड राज्य अंतर्गत न्यायालयों/न्यायाधिकरणों हेतु On-line Electronic Filing (e-filing) Rules के गठन के निमित्त इसपर माननीया राज्यपाल महोदया का अनुमोदन प्राप्त करने की स्वीकृति दी गई।

★ कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग (सहकारिता प्रभाग) अंतर्गत स्वीकृत झारखंड राज्य फसल राहत योजना के लिए Corpus Fund के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ झारखंड राज्य के जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के क्रम में जनजातीय समुदाय के पवित्र स्थल यथा सरना/जाहेरस्थान/हड़गड़ी/मसना हेतु सरना/जाहेरस्थान/हड़गड़ी एवं मसना की घेराबंदी योजना का नाम परिवर्तित कर “सरना/जाहेरस्थान/हड़गड़ी एवं मसना का संरक्षण एवं विकास” करने, प्रस्तावित योजना की रूप-रेखा एवं कार्यान्वयन की प्रक्रिया में संशोधन करने की स्वीकृति दी गई।

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