झारखंड में यहां 1500 मतदाताओं ने कर दिया चुनाव बहिष्कार, कहा- काम नहीं, तो मतदान भी नहीं

News Aroma Desk

Loksabha Election 2024 : एक नहीं, दो नहीं, तीन नहीं, बल्कि चार साल तक ग्रामीणों की फरियाद मंत्री से लेकर जिला प्रशासन (District Administration) तक ने नहीं सुनी।

केंद्रीय मंत्री, सांसद, राज्य सरकार के मंत्री, विधायक और जिला प्रशासन, सबने इन ग्रामीणों को और इनकी समस्याओं को इग्नोर कर दिया। उसके बाद आया 20 मई 2024 यानी सोमवार का दिन।

यानी मतदान (Vote) का दिन। गांव में बना पोलिंग बूथ सुबह से मतदाताओं का इंतजार कर रहा था। इस बूथ पर कुल 1500 मतदाता हैं। सुबह से दोपहर हो गयी, मगर 1500 मतदाता वाले इस बूथ पर एक भी मतदाता मतदान करने नहीं आया।

पता चला कि उन सभी 1500 मतदाताओं ने चुनाव का बहिष्कार कर दिया है। इस बहिष्कार का कारण चार साल तक मंत्री, सांसद, विधायक, जिला प्रशासन द्वारा इन ग्रामीणों की फरियाद को नहीं सुना जाना है।

घटना झारखंड के हजारीबाग (Hazaribagh) जिला के सदर विधानसभा क्षेत्र स्थित कुसुंभा गांव की है। इस गांव के लोग मंत्री, सांसद, विधायक और जिला प्रशासन से इतने खफा हैं कि उन सबने एकजुट होकर चुनाव का बहिष्कार कर दिया।

गांव में बने बूथ नंबर 183 और 184 पर सोमवार की दोपहर एक बजे तक एक भी मतदाता मतदान करने नहीं गया।

इन ग्रामीण मतदाताओं ने चुनाव का बहिष्कार कर अपनी नाराजगी का इजहार किया है। उनका कहना है कि उनकी समस्याओं, उनकी फरियादों पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है, इसीलिए उन्होंने चुनाव का बहिष्कार किया है।

कोयला परिवहन से गांव में बनी रहती है दुर्घटना की आशंका

ग्रामीणों की शिकायत है कि हजारीबाग के बड़कागांव से सैकड़ों वाहन NTPC का कोयला लेकर Katkamdag Railway Siding जाते हैं, जो कुसुंभा गांव से गुजरते हैं। इसके कारण गांव में हर दिन दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है।

इस खतरे से निजात पाने के लिए गांव के लोग कुसुंभा गांव के पास फ्लाईओवर निर्माण की मांग कर रहे हैं। लेकिन, ग्रामीणों इस मांग की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि वे लोग लगातार चार सालों से केंद्रीय मंत्री, सांसद, राज्य सरकार के मंत्री, विधायक से लेकर जिला प्रशासन तक से फरियाद कर रहे हैं, लेकिन अभी तक किसी ने भी उनकी मांगें नहीं मानी हैं। इसलिए सोमवार को गांव का कोई भी मतदाता मतदान करने बूथ पर नहीं गया।

ग्रामीणों को अंडरपास नहीं, ओवरब्रिज चाहिए

ग्रामीणों का कहना है कि कुसुंभा गांव से हजारीबाग-चतरा रोड पर आने-जाने के लिए उन्हें Railway Crossing से गुजरना पड़ता है।

अभी क्रॉसिंग के पास अंडरपास पुल स्थित है। इसी रेलवे क्रॉसिंग के बगल में छह लाइन का रेलवे ट्रैक और बिछाया जाना है, जिसका काम चालू है। संबंधित विभाग द्वारा यहां अंडरपास बनाने के लिए नीचे खुदाई की जा रही है। इसी जगह पर ग्रामीण अंडरपास के बजाय ओवरब्रिज बनाये जाने की मांग कर रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि छह लाइन होने से अंडरपास गुफा की तरह बन जायेगा, जो बाद में अपराध का अड्डा बन जायेगा।

ग्रामीणों का कहना है कि इस गांव के लोगों की आजीविका खेती पर ही आश्रित थी, लेकिन कोयले की वजह से गांव की खेती बर्बाद हो गयी है। कोयले के डस्ट के कारण ग्रामीणों का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है।

मान-मनौव्वल करते रह गये अधिकारी, मगर “No means No”

ग्रामीणों द्वारा चुनाव का बहिष्कार (Boycott of Elections) कर दिये जाने की सूचना ने जिला प्रशासन के अधिकारियों में हड़कंप मचा दिया। सभी जिला से लेकर प्रखंड तक के अधिकारी ग्रामीणों को मनाने में लग गये, लेकिन ग्रामीण अपने घर से निकलने को तैयार ही नहीं हुए।

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