झारखंड में नदियों के संरक्षण और पर्यावरण अनुकूल शहरी विकास को गति देने के लिए राज्यस्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम, जानें क्या है तैयारी

रांची में नदी-संवेदनशील मास्टर प्लान तैयार करने के लिए राज्यस्तरीय प्रशिक्षण आयोजित हुआ। 50 से अधिक विशेषज्ञों ने नदी संरक्षण, जल प्रबंधन और सतत शहरी विकास पर चर्चा की।

Neeral Prakash
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रांची: झारखंड में नदियों के संरक्षण और पर्यावरण अनुकूल शहरी विकास को गति देने के लिए रांची में “नदी-संवेदनशील मास्टर प्लान” तैयार करने हेतु दो दिवसीय राज्यस्तरीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन झारखंड सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग के अनुरोध पर रिवर सिटीज एलायंस सचिवालय और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स द्वारा नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा के सहयोग से किया गया था। प्रशिक्षण में राज्य के 50 से अधिक नगर नियोजकों, सरकारी अधिकारियों और शहरी विकास विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।

उद्घाटन सत्र के दौरान नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा के उप महानिदेशक तथा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स के निदेशक ने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर प्रतिभागियों को संबोधित किया। कार्यक्रम में राज्य शहरी विकास अभिकरण, रांची नगर निगम और राज्य नगर नियोजन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर अधिकारियों ने शहरी मास्टर प्लान में नदी संरक्षण, जल प्रबंधन और पारिस्थितिकीय स्थिरता को शामिल करने पर बल दिया और कहा कि सतत शहरी विकास के लिए विभिन्न सरकारी विभागों के बीच परस्पर समन्वय बेहद जरूरी है।

दो दिनों तक चले विभिन्न तकनीकी सत्रों में शहरीकरण के प्रभाव, नदियों के समक्ष मौजूद चुनौतियों और शहरी नदी प्रबंधन योजना की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि मास्टर प्लान एक कानूनी ढांचा है, इसलिए इसे नदी-केंद्रित बनाकर ही लंबे समय तक जल स्रोतों के प्रति संवेदनशीलता बनाए रखी जा सकती है। प्रतिभागियों को समूह गतिविधियों के माध्यम से आवश्यक डेटा स्रोतों और व्यावहारिक नियोजन उपायों की पहचान करना भी सिखाया गया।

आयोजन के दौरान एक बहु-विभागीय परिचर्चा भी हुई, जिसमें SUDA, RMC, JUIDCO, SMCG, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जल संसाधन तथा वन एवं पर्यावरण विभाग के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस चर्चा में मास्टर प्लान में वैधानिक प्रावधानों को मजबूत करते हुए नदी-संवेदनशील दृष्टिकोण को अनिवार्य रूप से शामिल करने की बात कही गई। इस पूरी पहल का मुख्य उद्देश्य झारखंड के शहरों को जल-संरक्षण के प्रति जवाबदेह, पर्यावरण-अनुकूल और सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ाना है।

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नीरल प्रकाश के पास पत्रकारिता में 2 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने एंकरिंग, रिपोर्टिंग और स्क्रिप्ट राइटिंग में काम किया है। पिछले 2 सालों से वे IDTV इंद्रधनुष के साथ काम कर रही हैं, जहां उन्होंने ऑन-एयर प्रस्तुतिकरण के साथ-साथ बैकएंड कंटेंट क्रिएशन में भी योगदान दिया। समाचार रिपोर्टिंग के अलावा, उन्होंने आकर्षक स्क्रिप्ट तैयार करने और कहानी को पेश करने का अनुभव भी प्राप्त किया है।