
Jharkhand Rajya Sabha Election : झारखंड में 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने चुनाव में विधायकों की खरीद-फरोख्त (हॉर्स ट्रेडिंग) की आशंका जताते हुए भारत निर्वाचन आयोग को पत्र लिखा है। पार्टी के केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने मुख्य चुनाव आयुक्त से चुनाव प्रक्रिया पर विशेष निगरानी रखने की मांग की है।
महागठबंधन के पास 56 विधायक, जीत का दावा
झामुमो ने आयोग को भेजे पत्र में विधानसभा के संख्या बल का हवाला देते हुए कहा है कि 81 सदस्यीय विधानसभा में महागठबंधन के पास कुल 56 विधायक हैं। इसमें JMM के 34, कांग्रेस के 16, राजद के 4 और भाकपा (माले) के 2 विधायक शामिल हैं। पार्टी का दावा है कि इस गणित के आधार पर राज्यसभा की दोनों सीटों पर गठबंधन उम्मीदवारों की जीत तय मानी जा रही है।
भाजपा पर लगाया खरीद-फरोख्त की कोशिश का आरोप
JMM ने आरोप लगाया है कि विधानसभा में पर्याप्त संख्या नहीं होने के बावजूद भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा उम्मीदवार उतारने की बात कही जा रही है। पार्टी ने कहा कि भाजपा के पास महज 21 विधायक हैं, जो किसी उम्मीदवार को जिताने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
झामुमो ने दावा किया कि भाजपा नेताओं — नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू — के सार्वजनिक बयानों से हॉर्स ट्रेडिंग और विधायकों को आर्थिक प्रलोभन देने की आशंका बढ़ी है।
CBI, ED और ACB को अलर्ट रखने की मांग
पार्टी ने चुनाव आयोग से आग्रह किया है कि चुनाव के दौरान निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए केंद्रीय एजेंसियों को सक्रिय रखा जाए। पत्र में केंद्रीय जांच ब्यूरो, प्रवर्तन निदेशालय, डीआरआई, सीवीसीऔर राज्य की ACB जैसी एजेंसियों को अलर्ट मोड में रखने की मांग की गई है, ताकि किसी भी प्रकार के धनबल, दबाव या अनैतिक गतिविधियों को रोका जा सके।
राज्यसभा चुनाव को लेकर JMM के इस कदम के बाद झारखंड की सियासत और गरमा गई है।

