
Koderma News: छह वर्षीय विक्रम कुमार उर्फ सौरव की हत्या के चर्चित मामले में कोडरमा की अदालत ने आरोपी सौतेली दादी रेखा देवी को दोषी करार देते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय राकेश चंद्रा की अदालत ने यह फैसला सुनाते हुए दोषी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं चुकाने की स्थिति में तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
यह मामला वर्ष 2025 में सामने आया था, जब बच्चे की मां पूनम देवी ने तिलैया थाना में प्राथमिकी दर्ज कर अपने सास-ससुर समेत अन्य लोगों पर बेटे की हत्या का आरोप लगाया था। शिकायत में उन्होंने बताया था कि पारिवारिक विवाद के दौरान उन्हें और उनके बेटे को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई थी।
जांच के दौरान पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए रेखा देवी को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने छह वर्षीय बच्चे की गला दबाकर हत्या कर दी थी और बाद में शव को जंगल में ले जाकर दफना दिया था, ताकि साक्ष्य छिपाए जा सकें। जांच में यह भी सामने आया कि पारिवारिक विवाद और रिश्तों में तनाव इस अपराध की प्रमुख वजह बने।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत में स्पीड ट्रायल के तहत सुनवाई की गई। महज 14 माह के भीतर अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें पूरी कर फैसला सुनाया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी पाया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल आठ गवाहों को पेश किया। सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने रेखा देवी को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
अदालत के इस फैसले को त्वरित न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। न्यायालय ने अपने निर्णय के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया कि गंभीर अपराधों में दोषियों को कानून के अनुसार कठोर दंड दिया जाएगा और ऐसे मामलों में त्वरित सुनवाई सुनिश्चित की जाएगी।

