बांग्लादेशी महिला का पासपोर्ट मामला : दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारी संदेह के घेरे में

मुंबई: महाराष्ट्र के एडिशनल डायरेक्टर जनरल (एडीजी) देवेन भारती एवं पूर्व सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) दीपक फटांगरे पर एक बांग्लादेशी महिला को कानूनी कार्रवाई से बचाने का मामला दर्ज कराया गया है।

मुकदमा शुक्रवार देर रात मुंबई पुलिस इंटेलीजेंस विभाग के पूर्व पुलिस निरीक्षक दीपक कुरुलकर ने मालवणी पुलिस स्टेशन में दर्ज करवाया है।

उक्त मामले को मालवणी पुलिस स्टेशन ने मुंबई क्राइम ब्रांच को दे दिया है। क्राइम ब्रांच बांग्लादेशी महिला के मामले में फिर से गहन छानबीन कर रही है।

जानकारी के अनुसार मालवणी इलाके में रहने वाली रेशमा खान ने वर्ष 2012 में पासपोर्ट बनवाया था। पासपोर्ट बनाते समय रेश्मा खान ने पश्चिम बंगाल के 24 परगना स्थित कुछ संस्थाओं के कागज-पत्र अपने आवेदन के साथ जोड़े थे।

साल 2017 में इन कागज-पत्रों पर शक होने पर इसकी जांच मुंबई पुलिस के तत्कालीन पुलिस निरीक्षक दीपक कुरुलकर ने शुरू की। दीपक कुरुलकर ने खुद पश्चिम बंगाल की संस्थाओं से रेशमा खान के पासपोर्ट आवेदन के साथ जोड़े गए कागजपत्रों के बारे में पूछताछ की।

इन संस्थाओं के पदाधिकारियों ने बताया कि उन्होंने इस तरह के कागजात रेशमा खान को नहीं दिए हैं। इससे यह साबित हो गया था कि रेशमा खान ने जो कागजपत्र पासपोर्ट बनाने के लिए दिए थे, सब फर्जी थे।

दीपक कुरुलकर ने बताया कि इसके बाद उन्होंने मालवणी पुलिस स्टेशन के तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दीपक फटांगरे को सारी जानकारी दी और बांग्लादेशी नागरिक रेशमा खान के विरुद्ध मामला दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की ।

इस पर दीपक पटांगरे मामला दर्ज कर कार्रवाई टालते रहे और कहा कि रेशमा खान पर कार्रवाई न करने के लिए उनपर उपर से दबाव है।

दीपक कुरुलकर ने कहा कि इसके बाद उन्होंने इस मामले में कार्रवाई की मांग तत्कालीन सह पुलिस आयुक्त देवेन भारती से की। लेकिन देवेन भारती ने कहा कि इस मामले पर ध्यान मत दो।

सेवानिवृत्त होने के बाद पूर्व पुलिस निरीक्षक दीपक कुरुलकर ने इस मामले की आरटीआई से जानकारी मांगी तो पता चला कि इस मामले का कोई पत्र पुलिस के पास उपलब्ध नहीं है।

इसी वजह से दीपक कुरुलकर ने यह मामला मालवणी पुलिस स्टेशन में दर्ज करवाया है। इस मामले की छानबीन मुंबई क्राइम ब्रांच पुलिस कर रही है।

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