भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने पेश किए ‘न्याय के पांच स्तंभ’, जानिए…

भारत जोड़ो न्याय यात्रा (Bharat Jodo Nyay Yatra) के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कांग्रेस पार्टी के "न्याय के पांच स्तंभ" पेश किए।

News Aroma
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Bharat Jodo Nyay Yatra: भारत जोड़ो न्याय यात्रा (Bharat Jodo Nyay Yatra) के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कांग्रेस पार्टी के “न्याय के पांच स्तंभ” पेश किए।

कांग्रेस ने पांच स्तंभ यानी नारी सशक्तिकरण, बेरोजगारी, किसानों की समस्या, मजदूरों की समस्या तथा युवाओं की समस्या को लेकर एक कार्यक्रम बना रही है, जिसकी रूपरेखा अगले महीने प्रस्तुत की जाएगी।

कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi मंगलवार को जिले के हाजो में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।उन्होंने कहा कि कांग्रेस पांच स्तंभ यानी नारी सशक्तिकरण, बेरोजगारी, किसानों की समस्या, मजदूरों की समस्या तथा युवाओं की समस्या को लेकर एक कार्यक्रम बना रही है।

उन्होंने दावा किया कि उनकी यह पहल देश को शक्ति और समानता देगा।

उन्होंने कहा कि इस न्याय यात्रा के पीछे उनका न्याय का विचार है। Congress Party अगले एक महीने में न्याय के अपने इन पांच स्तंभों की घोषणा करेगी।

वह यात्रा को रोकने की कोशिश करते हैं…

कांग्रेस नेता गांधी ने असम के मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्व सरमा पर आरोप लगाया कि वह यात्रा को रोकने की कोशिश करते हैं। मंदिरों, कॉलेजों और पदयात्राओं में जाने में बाधाओं के बावजूद उनकी यात्रा सफल हो रही है।

यात्रा के सकारात्मक परिणामों पर जोर देते हुए गांधी ने कहा कि Assam के मुख्यमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अनजाने में हमारी मदद कर रहे हैं। वे जो भी बाधाएं पैदा करते हैं, न्याय का हमारा संदेश लोगों तक उतना ही अधिक पहुंच रहा है।

इंडी एलायंस के सभी घटकों को इस न्याय यात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित

गांधी ने कहा कि Indie Alliance के सभी घटकों को इस न्याय यात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया। कांग्रेस ने पांच प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि Mamata Banerjee के साथ सीटों पर बातचीत चल रही है।

OBC, दलितों, आदिवासियों के लिए व्यवस्थित भागीदारी, महिलाओं के अन्याय और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को संबोधित करना शामिल है।

उन्होंने मुख्यमंत्री की आलोचना करते हुए कहा कि असम की भाषा और परंपरा केवल मुख्यमंत्री (Chief Minister) की ओर से तय नहीं की जा सकती।

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