रांची: राजधानी रांची में नियमों की अनदेखी कर हॉस्टल, लॉज और कोचिंग संस्थान संचालित करने वालों के खिलाफ नगर निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है। रांची नगर निगम ने शनिवार को 10 संस्थानों को अंतिम स्मार नोटिस जारी किया है। निगम ने इन संस्थानों को 24 घंटे के भीतर संचालन बंद करने और स्वीकृत भवन प्लान समेत सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

नगर निगम ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर आदेश का पालन नहीं करने पर संबंधित भवनों को सील कर दिया जाएगा। इस कार्रवाई से नियमों की अनदेखी कर संस्थान चलाने वालों में हड़कंप मच गया है।
हॉस्टल और कोचिंग संस्थानों के लिए ये दस्तावेज जरूरी
रांची नगर निगम के अनुसार, हॉस्टल, लॉज और कोचिंग संस्थानों के संचालन के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना और आवश्यक दस्तावेज रखना अनिवार्य है। इनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित दस्तावेज शामिल हैं:
- ट्रेड लाइसेंस
- हॉस्टल पंजीकरण प्रमाणपत्र
- वाणिज्यिक होल्डिंग से संबंधित दस्तावेज
- अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC)
- स्वीकृत भवन प्लान
निगम ने संबंधित संस्थानों को सभी जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। निर्धारित अनुमति और आवश्यक कागजात के बिना संस्थानों का संचालन करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
पहले भी जारी किया गया था नोटिस
नगर निगम के मुताबिक, संबंधित भवनों और संस्थानों को पहले भी नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने तथा नियमों का पालन करने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद कई संस्थानों की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया।
वहीं, कुछ संस्थानों ने अपना जवाब प्रस्तुत किया, लेकिन निगम ने उसे संतोषजनक नहीं पाया। इसके बाद संबंधित 10 संस्थानों को अंतिम स्मार नोटिस जारी किया गया है।
24 घंटे में पालन नहीं किया तो सील होंगे भवन
नगर निगम ने संस्थानों को 24 घंटे के भीतर निर्देशों का पालन करने की समय सीमा दी है। इस दौरान उन्हें संचालन बंद करने और स्वीकृत भवन प्लान सहित सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
निर्धारित समय में आदेश का पालन नहीं करने पर संबंधित भवनों को सील करने की कार्रवाई की जा सकती है। निगम की इस पहल का उद्देश्य भवनों के इस्तेमाल और संस्थानों के संचालन में नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित संस्थान निर्धारित समय सीमा के भीतर दस्तावेज प्रस्तुत करते हैं या नहीं। नियमों की अनदेखी जारी रहने पर नगर निगम की कार्रवाई आगे और सख्त हो सकती है।


