खुशखबरी! रांची सदर अस्पताल में जल्द शुरू होगा कैंसर मरीजों का इलाज, कीमोथेरेपी…

News Aroma Media
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रांची : सदर अस्पताल रांची मरीजों के भरोसे का एक बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है। रांची सदर अस्पताल (Ranchi Sadar Hospital) में अब बुधवार से विभिन्न कैंसर के मरीजों (Cancer Patients) को इलाज की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी।

मेडिकल आंकोलॉजिस्ट डॉ गुंजेश कैंसर के मरीजों को परामर्श देंगे। उन्होंने बताया कि हर तरह के कैंसर के मरीजों को सदर अस्पताल में कीमोथेरेपी की सुविधा भी दी जाएगी।

यह आयुष्मान भारत योजना के तहत पूरी तरह से निशुल्क होगा। वहीं जो इस योजना के तहत नहीं आते हैं, उन्हें सरकारी दर या न्यूनतम दरों पर इलाज की सुविधा मिल सकेगी।

इसके अलावा कैंसर सर्जरी की सुविधा भी सदर में मिलनी शुरू हो जाएगी। कैंसर सर्जरी के लिए तीन दिन ओपीडी की सुविधा मिलेगी। वहीं, मेडिकल आंकोलॉजी में डॉ गुंजेश दो दिन बुधवार और शुक्रवार को परामर्श देंगे।

हॉर्मोनल थेरेपी की सुविधा की शुरुआत कर दी जाएगी

सदर अस्पताल में बुधवार से कीमोथेरेपी, टारगेटेड थेरेपी और हॉर्मोनल थेरेपी (Chemotherapy, Targeted Therapy and Hormonal Therapy) की सुविधा की शुरुआत कर दी जाएगी।

वहीं इम्यूनोथेरेपी (Immunotherapy) की सुविधा अभी मरीजों को मिलने में थोड़ी परेशानी होगी, क्योंकि यह आयुष्मान भारत योजना के तहत कवर नहीं होता।

डॉक्टर गुंजेश ने बताया कि इस सुविधा के शुरू हो जाने से बड़ी संख्या में लोगों को राहत मिलेगी। निजी अस्पतालों में होने वाले खर्चे से लोग बचेंगे।

साथ ही लोगों को अधिक परेशान नहीं होना पड़ेगा। इसके अलावा RIMS का बोझ भी कम हो सकेगा।

पीत की थैली के कैंसर के मरीजों की संख्या बढ़ी

सदर में कैंसर के मरीजों का इलाज छह बेड के साथ शुरू किया जाएगा। बाद में मरीजों के लोड के हिसाब से बेड की संख्या को बढ़ाया जाएगा।

वर्तमान में ब्लड कैंसर के मरीजों के लिए बीस बेड से अधिक सुरक्षित है, जो हमेशा भरे रहते हैं। डॉ गुंजेश ने बताया कि सप्ताह में सिर्फ दो OPD होने के कारण एक OPD में पचास से अधिक नए कैंसर के मरीजों के पहुंचने की संभावना है। वहीं, अगर कोई मरीज भर्ती होता है तो वे हर दिन राउंड लेंगे।

डॉक्टरों के अनुसार सबसे अधिक झारखंड में मुंह के कैंसर और स्तन कैंसर के मरीज पहुंचते हैं। वहीं बच्चेदानी के कैंसर और पीत की थैली के कैंसर (Gallbladder Cancer) के मरीजों की संख्या भी बढ़ी है।

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