

रांची : लंबे समय से लोगों को परेशान कर रही ट्रैफिक जाम की समस्या से अब बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार ने शहर के लिए दो महत्वपूर्ण फ्लाईओवर परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है, जिससे प्रमुख मार्गों पर आवागमन तेज, सुगम और समय बचाने वाला होगा।





इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद हरमू–अरगोड़ा–डिबडीह और करमटोली–साइंस सिटी–चिरौंदी रूट पर यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। विशेष रूप से अरगोड़ा रोड, हरमू, कडरू, कटहल मोड़, बरियातू और मोरहाबादी जैसे इलाकों में रोजाना लगने वाले जाम से लोगों को राहत मिलेगी।
पहली परियोजना के तहत हरमू से अरगोड़ा चौक होते हुए डिबडीह ब्रिज तक लगभग 3.804 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर बनाया जाएगा, जिस पर करीब 469.62 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह फ्लाईओवर कटहल मोड़ (चापुटोली) और अशोक नगर तक भी जोड़ा जाएगा, जिससे कनेक्टिविटी और बेहतर होगी।
दूसरी परियोजना में करमटोली से साइंस सिटी होते हुए चिरौंदी तक 3.216 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर प्रस्तावित है, जिस पर लगभग 351.14 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके साथ मोरहाबादी को जोड़ने के लिए एक लिंक रोड भी विकसित किया जाएगा।
इन परियोजनाओं को लेकर पिछले छह महीनों से विस्तृत सर्वे किया गया, जिसमें ट्रैफिक लोड, सड़क की स्थिति, भूमि अधिग्रहण, यूटिलिटी शिफ्टिंग और भविष्य की जरूरतों का अध्ययन शामिल था। इसके बाद डीपीआर तैयार कर स्वीकृति के लिए भेजा गया, जिसे अब मंजूरी मिल चुकी है।
शहर में पहले से बने कांटाटोली, सिरमटोली-मेकान और रातू रोड फ्लाईओवर ने ट्रैफिक व्यवस्था को काफी बेहतर बनाया है। अब इन नई परियोजनाओं से राजधानी की यातायात व्यवस्था और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है।
इन फ्लाईओवर के बनने के बाद यात्रा समय में भी बड़ी कमी आएगी। अरगोड़ा से कडरू-हरमू तक का सफर आसान हो जाएगा, वहीं डिबडीह ब्रिज तक पहुंचने में लगभग 15 मिनट की बचत होगी। चिरौंदी से करमटोली की दूरी, जो पहले 30 मिनट में तय होती थी, अब केवल 5 से 10 मिनट में पूरी हो सकेगी।
स्कूल, कॉलेज और ऑफिस जाने वाले लोगों को इससे सबसे अधिक लाभ मिलेगा। साथ ही आपातकालीन सेवाओं की गति भी बढ़ेगी, जिससे पूरे शहर की यातायात व्यवस्था अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बन सकेगी।
