
RIMS 2 Project: राजधानी रांची के नगड़ी क्षेत्र में प्रस्तावित रिम्स-2 परियोजना को लेकर ग्रामीणों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। अपनी कृषि भूमि और संभावित विस्थापन को लेकर चिंतित ग्रामीण गुरुवार को बड़ी संख्या में रांची समाहरणालय पहुंचे और प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखीं।
उपजाऊ जमीन बचाने की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि नगड़ी मौजा में रिम्स-2 के लिए चिह्नित भूमि उनकी उपजाऊ खेती योग्य जमीन है। यदि इस जमीन पर निर्माण कार्य किया जाता है तो कई परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि खेती उनकी आय का प्रमुख स्रोत है और जमीन अधिग्रहण से उनका भविष्य प्रभावित होगा।
SDM और अधिकारियों के साथ हुई वार्ता
ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने समाहरणालय में एसडीएम और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में ग्रामीणों ने अपनी आपत्तियां और मांगें विस्तार से रखीं तथा परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण पर पुनर्विचार करने की मांग की।
विरोध के बीच जारी निर्माण संबंधी गतिविधियां
स्थानीय लोगों के अनुसार, विरोध और तनाव के बावजूद प्रशासनिक निगरानी में पुलिस बल की मौजूदगी के साथ चिह्नित भूमि पर चहारदीवारी निर्माण और आउटर कटिंग का कार्य शुरू किया गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी आपत्तियों का समाधान किए बिना निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
भूमि पूजन का भी हुआ था विरोध
इससे पहले परियोजना के लिए आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम का भी स्थानीय ग्रामीणों ने विरोध किया था। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी सहमति और समस्याओं के समाधान के बिना किसी भी निर्माण कार्य को आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए।
‘विकास बनाम विस्थापन’ की बहस
रिम्स-2 परियोजना को लेकर अब क्षेत्र में ‘विकास बनाम विस्थापन’ की बहस छिड़ गई है। एक ओर सरकार और प्रशासन इसे स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण परियोजना बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण अपनी जमीन और आजीविका बचाने की मांग कर रहे हैं।

