देहरादून: कांग्रेस महासचिव और उत्तराखंड प्रभारी कुमारी सैलजा ने अंकिता भंडारी हत्या मामले समेत विभिन्न मुद्दों पर शनिवार को राज्य की भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि 27 अक्टूबर को गैरसैंण में विधानसभा घेराव किया जाएगा।

सैलजा ने यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि 27 अक्टूबर को विधानसभा का घेराव करने के साथ-साथ सदन के अंदर भी विभिन्न ज्वलंत मुद्दों जैसे भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, पलायन को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इससे पहले 22 से 25 अक्टूबर तक कांग्रेस राज्य में न्याय यात्रा निकालेगी, जिसमें विधानसभा क्षेत्रों में जनसंवाद के माध्यम से विभिन्न मुद्दे उठाए जाएंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि एक नवंबर को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर दिल्ली में विशाल रैली की जाएगी जिसमें उत्तराखंड से भी बड़ी संख्या में कांग्रेस सदस्य शामिल होंगे।
इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, प्रदेश पार्टी चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, चुनाव प्रबंधन समिति अध्यक्ष डॉ हरक सिंह रावत, सीडब्लूसी सदस्य गुरदीप सिंह सप्पल, प्रदेश सह-प्रभारी मनोज यादव और सुरेंद्र शर्मा भी मौजूद रहे।
सैलजा ने कहा कि अंकिता हत्याकांड में कथित ‘वीआईपी’ की भूमिका से जुड़े सवालों के बीच भाजपा नेता दुष्यंत गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति ने प्रदेश की जनता की भावनाओं को आहत किया है।
उन्होंने दावा किया कि उन्हें किसी राजनीतिक प्रभाव या पद के कारण जांच से परे रखने के कारण यह कदम उठाया गया है लेकिन न्याय मिलने तक यह लड़ाई जारी रखी जाएगी।
उन्होंने प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य से जुड़े विभागों में कथित वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित उनके पति गिरिधारी लाल साहू के आरोपों को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि उन आरोपों की जांच की जानी चाहिए ।
उन्होंने सवाल किया कि मुख्यमंत्री और संबंधित विभागों को इन शिकायतों की जानकारी नहीं थी, या फिर कार्रवाई जानबूझकर टाली गई?
सैलजा ने प्रदेश में सड़कों के निर्माण, सरकारी ठेकों और विकास कार्यों में भ्रष्टाचार, खनन माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाया और कहा कि उत्तराखंड की जमीन, प्राकृतिक संसाधन और सार्वजनिक धन जनता की संपत्ति हैं।
उन्होंने कहा कि इनका इस्तेमाल चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाने के बजाय प्रदेश के विकास के लिए होना चाहिए।
इस संबंध में उन्होंने सरकार से संदिग्ध भूमि सौदों, सरकारी ठेकों और खनन गतिविधियों की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की ।


