झारखंड : ठंड से बचने के लिए इस तरह का उपाय करना बन रहा जानलेवा

News Aroma Media
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रांची: झारखंड में पिछले सप्ताह से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। सुबह और शाम लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।

ठंड से बचने के लिए किये गये प्रयास कई लोगों के लिए जानलेवा भी साबित हो रहे हैं। पिछले चार दिनों में बंद कमरे में हीटर और अंगीठी के इस्तेमाल से सात लोग जान गंवा चुके हैं।

लोग ठंड से बचने के लिए कमरे को बंद कर रूम हीटर और अंगीठी जला लेते हैं। कई बार लोग इसे बंद करना भूल जाते हैं, जो मौत का बड़ा कारण बन रहा है।

जहां मौतें हुई हैं, वहां देखा गया है कि कमरे में एक भी ऐसा कोना नहीं था, जहां से हीटर या अंगीठी की गैस बाहर निकल सके। अंगीठी से कार्बन मोनो ऑक्साइड गैस निकलती है, जो जानलेवा है। पिछले दस दिनों में रिम्स के ओपीडी में 66 लोग ऐसे पहुंचे हैं, जिन्हें रूम

हीटर के इस्तेमाल से परेशानी हुई।

21 दिसंबर को हजारीबाग में एक हादसा हुआ। रूम हीटर जलाकर सोने के कारण एक परिवार के तीन लोगों की मौत हो गयी।

दम घुटने से परिवार के शाहिद अनवर उर्फ रिंकू खान (40), उनकी पत्नी निखत परवीन (35) और पुत्र अख्तर (05) ने कमरे में ही दम तोड़ दिया। रिम्स में पोस्टमॉर्टम हुआ।

रांची में 23 दिसंबर को दो अलग-अलग इलाकों में चार लोगों की मौत हुई। मधुकम स्थित शांति नगर में पिता और पुत्र की दम घुटने से मौत हो गयी।

समलौंग बेलाबगान रोड के रहनेवाले एक ही परिवार के दो लोगों की मौत दम घुटने से हो गयी। शीतल लखानी और मान्या लखानी दोनों बहनों ने दम तोड़ दिया।

रिम्स रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले 10 दिनों में रिम्स में 66 ऐसे मामले मेडिसिन ओपीडी पहुंचे, जिन्हें रूम हीटर के कारण परेशानी हुई थी।

रिम्स के डॉ संजय सिंह के अनुसार रूम को पूरी तरह बंद कर हीटर नहीं जलाना चाहिए। उन्होंने बताया कि ज्यादातर मरीज सांस की समस्या लेकर आये थे।

कुछ पहले से दमा की हिस्ट्री वाले, फेफड़े में संक्रमण वाले और अन्य बीमारियों से ग्रसित थे। मरीजों से बातचीत के क्रम में उन्होंने डॉक्टरों को बताया कि बंद कमरे में हीटर के इस्तेमाल से परेशानी हुई है।

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