
Bihar Politics : 2025 में NDA सरकार बनने के बाद सबसे बड़ी कंट्रोवर्सी राबड़ी आवास को लेकर खड़ी हो गई है। सरकार के शुरुआती फैसलों में एक फैसला रहा विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के लिए कर्णांकित आवास को बदलना। 10 सर्कुलर रोड से बदल कर इसे 39 हार्डिंग रोड कर दिया गया है।
इस बात को लगभग 5 महीने से ज्यादा का समय बीत गया है लेकिन राबड़ी देवी मान ही नहीं रही हैं। अब उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वो बंगला खाली नहीं करेंगी। सरकार चाहे तो फोर्स बुलाकर बंगला खाली करा लें।
सरकारी आवास और लालू परिवार का ये विवाद नया नहीं है। इससे पहले भी आवास को लेकर सरकार और इस पावरफुल परिवार के बीच किरकिरी हो चुकी है।
75 दिन बाद CM हाउस छोड़े थे
लालू परिवार की बंगला खाली करने की कंट्रोवर्सी नई नहीं हैं। इससे पहले सीएम हाउस एक अणे मार्ग को खाली करने के दौरान भी इसी तरह का विवाद हुआ था। चुनाव हारने के बाद भी लगातार वे 1 अणे मार्ग में डटे हुए थे। नोटिस मिलने के बाद भी इन्होंने कहा था,’उन्हें पसंद का आवास नहीं मिला है इसलिए ये आवास को खाली नहीं करेंगे।
वरिष्ठ पत्रकारों की मानें तब नीतीश कुमार सर्किट हाउस से सीएमओ चलाते थे और विनय बाबू के निजी मकान में रहा करते थे। लालू परिवार के 10 सर्कुलर रोड में शिफ्ट होने 3 महीने बाद तक उसका रेनोवेशन हुआ था। सीएम बनने के लगभग 6 महीने बाद नीतीश कुमार सीएम हाउस में प्रवेश कर पाए थे।
5 देशरत्न के लिए कोर्ट चले गए थे
बात 2017 की है। 2015 में डिप्टी सीएम बनने के बाद तेजस्वी यादव सीएम हाउस के ठीक बगल वाला 5 देशरत्न रोड का बंगला आवंटित हुआ था। बंगले को पूरी तरह रेनोवेट कराने और अपने मन माफिक सजाने के बाद तेजस्वी उसमें प्रवेश किए थे। 2017 में उनकी सरकार गिर गई।
एनडीए सरकार ने उन्हें बंगला खाली करने के लिए कहा। डिप्टी सीएम की जगह उन्हें नेता प्रतिपक्ष के लिए आवंटित पोलो रोड के आवास में शिफ्ट होने के लिए कहा गया। तेजस्वी ने मना कर दिया। वे इस मामले को लेकर हाईकोर्ट चले गए। वहां उन्हें निराशा हाथ लगी। हाईकोर्ट से हारने के बाद तुरंत वे बंगला खाली कर दिए। तेजस्वी के कारण ही हाईकोर्ट ने बिहार में पूर्व मुख्यमंत्रियों को मिलने वाली सारी सुविधा को भी निरस्त कर दिया था।
अब एक बार फिर से दो दशक से राजद का पावर सेंटर रहा 10 सर्कुलर रोड से उन्हें हटने के लिए कहा जा रहा है तो मामला बढ़ते जा रहा है। राबड़ी देवी जब से मुख्यमंत्री पद से हटी हैं तब से लगातार भवन निर्माण विभाग के इसी सेंट्रल पुल के बंगले में रह रहीं हैं। 20 वर्षों से ये राजद की सियासत का पावर सेंटर रहा है।
अब ये बंगला विभाग की तरफ से मंत्री नंद किशोर राम को अलॉट कर दिया गया है। अब देखना दिलचस्प है कि सरकार इस मामले में क्या करती है।

