शिबू सोरेन की कुर्सी की उत्तराधिकारी कल्पना सोरेन होती हैं तो फिर आगे गाड़ी दाहिने मुड़ेगी

झारखंड की राजनीति में राज्यसभा सीट, कल्पना सोरेन की संभावित भूमिका, हेमंत सोरेन की रणनीति और झामुमो के भविष्य को लेकर वरिष्ठ पत्रकार का विश्लेषण।

Neeral Prakash
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शशि सिंह

साल भर से ज़्यादा हो गया, झारखंड की राजनीति पर मेरा कैलकुलेशन लगभग ठीक ही बैठ रहा है। जैसा मैंने समझा था उसका पहला चरण अब आखरी पड़ाव पर है। वह पड़ाव है शिबू सोरेन की कुर्सी पर राज्यसभा में कौन बैठता है। यदि उत्तराधिकारी कल्पना सोरेन होती हैं तो फिर आगे गाड़ी दाहिने मुड़ेगी। टर्न लेने से पहले गाड़ी ने गियर बदलना शुरू कर दिया है। यदि मेरी समझ गलत होती है और गाड़ी हिचकोले लेकर सीधे आगे बढ़ती है तो आगे का कैलकुलेशन फिर से करना पड़ेगा।

आगे गहरी खाई भी हो सकती है। ऐसा मैं इसलिए कह रहा हूँ कि पारिवारिक पार्टियों का बेड़ा गर्क उत्तराधिकार की लड़ाई की वजह से होता है। देश की किसी भी दुसरी पारिवारिक पार्टी के उलट झामुमो में यह मामला सुलझ चुका है। वर्तमान नेतृत्व का कोई चैलेंजर नहीं है।

पार्टी में भी ज़बरदस्त अनुशासन है। कोई नंबर टू, थ्री, फ़ोर क्या नंबर दस तक कोई नहीं है। कार्यकर्ता से लेकर नेता तक किसी में भी नेतृत्व के प्रति कहीं कोई असंतोष नहीं है, मतलब फ़ुल कंट्रोल। सिस्टम में यदि कोई डेप्युटी है तो वह कल्पना सोरेन।
सब मान रहे हैं कि एक सीट तो परिवार अपने पास रखेगा। मेरी समझ कहती है कि ऐसे में कल्पना सोरेन ही अंतिम पसंद होनी चाहिए। क्यूँकि जो भी राज्य सभा जाएगा, सिस्टम में उनका क़द बढ़ेगा। परिवार से कोई और हुआ तो वह अभी नहीं लेकिन उसका बढ़ा हुआ क़द भविष्य में एक चुनौती बनेगा।

राजनीति में ऐसी गलती माफ़ नहीं की जाती। मनोरंजन के लिए दूसरी सीट है, सारे प्रयोग वहॉं होंगे। दोस्तों से दुश्मनी, दुश्मनों से दोस्ती सब कुछ! अभी जो हो रहा है यह कोई दो-चार साल की राजनीति नहीं, अगले बीस-पच्चीस साल की राजनीति का संयोजन है।

हेमंत सोरेन राजनीति की बिसात पर अब तक बहुत अच्छा खेल रहे हैं। एक खिलाड़ी के रूप में उनकी रेटिंग मेरी नजर में फ़ाइव स्टार है, लेकिन यदि वह कल्पना सोरेन की जगह किसी और को शिबू सोरेन वाली सीट देते हैं तो यह एक बड़ा बलंडर होगा।
क्षेपकः झारखंड में कांग्रेस की हालत फ़िलहाल कॉरपोरेट कंपनी के उस सीनियर एम्प्लॉय की हो गई है जिसे नौकरी से निकाला तो नहीं जा रहा है लेकिन ऐसी जगह ट्रांसफ़र किया जा रहा है जहॉं जाने से अच्छा खुद ही नौकरी छोड़ देना माना जाता है।

लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं।

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नीरल प्रकाश के पास पत्रकारिता में 2 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने एंकरिंग, रिपोर्टिंग और स्क्रिप्ट राइटिंग में काम किया है। पिछले 2 सालों से वे IDTV इंद्रधनुष के साथ काम कर रही हैं, जहां उन्होंने ऑन-एयर प्रस्तुतिकरण के साथ-साथ बैकएंड कंटेंट क्रिएशन में भी योगदान दिया। समाचार रिपोर्टिंग के अलावा, उन्होंने आकर्षक स्क्रिप्ट तैयार करने और कहानी को पेश करने का अनुभव भी प्राप्त किया है।