नगरपालिकाओं की कार्यप्रणाली में बदलाव के बिना नहीं सुलझेंगी जलजमाव और पेयजल की समस्याएं : सरयू राय

जमशेदपुर पश्चिम विधायक सरयू राय ने कहा कि नगरपालिकाओं की कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार, स्थायी जनसुविधा रजिस्टर और बेहतर योजना के बिना जलजमाव व पेयजल समस्याओं का समाधान संभव नहीं।

Razi Ahmad
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जमशेदपुर : जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने कहा है कि नगरपालिकाओं में जलजमाव, कचरा प्रबंधन और पेयजल आपूर्ति जैसी मूलभूत समस्याओं का स्थायी समाधान तभी संभव है, जब उनकी कार्यप्रणाली में व्यापक बदलाव किया जाए।

सरयू राय ने कहा कि इसके लिए नाला आधारित नीति, कचरे के त्वरित निष्पादन की व्यवस्था, पेयजल संरचना के लिए टोपोग्राफिकल भू-सर्वेक्षण तथा प्रत्येक नगरपालिका कार्यालय में जनसुविधाओं का स्थायी रजिस्टर (ब्लू बुक की तर्ज पर) तैयार किया जाना चाहिए।

सरयू राय ने कहा कि उन्होंने ये सुझाव 8 जुलाई 2026 को उपायुक्त कार्यालय में आयोजित उस बैठक में दिए थे, जिसमें जेएनएसी, मानगो नगर निगम और टाटा स्टील यूआईएसएल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि यह बैठक उनके आग्रह पर उपायुक्त ने बुलाई थी।

विधायक ने कहा कि केवल समीक्षा बैठकें करने से नगरपालिकाओं की समस्याओं का समाधान नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि शीर्ष अधिकारी और उपायुक्त समय-समय पर बदलते रहते हैं, जबकि नगरपालिका का कार्यालय और कर्मचारी स्थायी होते हैं। इसलिए नगरपालिकाओं में ऐसी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए, जिससे वर्षों का अनुभव, स्थानीय समस्याओं का रिकॉर्ड और उनके समाधान की जानकारी संस्थागत रूप से सुरक्षित रहे।

श्री राय ने सुझाव दिया कि प्रत्येक नगरपालिका में एक स्थायी जनसुविधा रजिस्टर तैयार किया जाए, जिसमें यह दर्ज हो कि किस क्षेत्र में हर वर्ष जलजमाव होता है, कहां जल निकासी की समस्या है, कौन-सी सड़क या गली कब बनी, किस इलाके में पेयजल आपूर्ति को लेकर क्या शिकायतें आती हैं तथा किन कारणों से समस्याएं उत्पन्न होती हैं। जिला योजना समिति और नगरपालिका की बैठकों में इन्हीं तथ्यों के आधार पर स्थायी समाधान की दिशा में निर्णय लिए जाएं।

सरयू राय ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में उपायुक्त और विभागीय स्तर पर होने वाली समीक्षा प्रायः अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदनों तक सीमित रह जाती है। इससे न तो पहले किए गए कार्यों के वास्तविक प्रभावों का समुचित मूल्यांकन हो पाता है और न ही भविष्य की योजनाओं की प्रभावी रूपरेखा बन पाती है। परिणामस्वरूप नगरपालिकाएं स्थानीय आवश्यकताओं के बजाय केवल सरकारी आवंटन और अनुदान आधारित योजनाओं तक सीमित रह जाती हैं और समस्याएं जस की तस बनी रहती हैं।

टाटा स्टील यूआईएसएल की पेयजल व्यवस्था पर चिंता जताते हुए विधायक ने कहा कि लोगों को आपूर्ति किए जा रहे पानी की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं।

उन्होंने कहा कि पेयजल में गंदगी मिलने से कंपनी की साख भी प्रभावित हो रही है। इसलिए प्रदूषित नदी के पानी को शुद्ध कर आपूर्ति करने के बजाय डोबो (सतनाला) डैम और डिमना सेक्शन जैसे स्वच्छ जल स्रोतों का अधिकतम उपयोग किया जाना चाहिए। इसके लिए टाटा स्टील यूआईएसएल और जिला प्रशासन को संयुक्त रूप से ठोस पहल करनी चाहिए।

सरयू राय ने कहा कि यदि इन सुझावों पर गंभीरता से अमल किया जाए तो नगरपालिकाओं को जलजमाव मुक्त, स्वच्छ और बेहतर पेयजल व्यवस्था वाला बनाया जा सकता है।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।