


रांची: रांची के कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील इलाकों में प्रशासन ने निषेधाज्ञा लागू कर दी है। आए दिन राजनीतिक दलों और विभिन्न सरकारी-गैर सरकारी संगठनों की ओर से धरना, प्रदर्शन, जुलूस, रोड जाम और घेराव किए जाने की संभावना को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।





सदर अनुमंडल दंडाधिकारी, रांची ने BNSS की धारा 163 के तहत शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए मुख्यमंत्री आवास, लोक भवन, झारखंड हाईकोर्ट, विधानसभा, नेपाल हाउस और झारखंड मंत्रालय समेत कई स्थानों के आसपास निषेधाज्ञा जारी की है।
प्रशासन के मुताबिक, इन इलाकों में प्रदर्शन या घेराव से सरकारी कामकाज प्रभावित होने, यातायात व्यवस्था बिगड़ने और कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका रहती है।
इन इलाकों में लागू रहेगा आदेश
निषेधाज्ञा के तहत संवेदनशील सरकारी भवनों के आसपास अलग-अलग दूरी तक प्रतिबंध लागू किया गया है।
- मुख्यमंत्री आवास, कांके रोड: चहारदीवारी से 100 मीटर की परिधि में।
- लोक भवन: चहारदीवारी से 100 मीटर की परिधि में। इसमें नागा बाबा खटाल क्षेत्र को बाहर रखा गया है।
- झारखंड हाईकोर्ट: चहारदीवारी से 100 मीटर की परिधि में।
- विधानसभा: चहारदीवारी से 750 मीटर की परिधि में।
- नेपाल हाउस सचिवालय: परिसर के घेरे से 150 मीटर की परिधि में।
- झारखंड मंत्रालय (प्रोजेक्ट भवन), मानव संसाधन मंत्रालय/टेलीफोन भवन, हंड्रेड बिल्डिंग और पुलिस मुख्यालय: चहारदीवारी से 200 मीटर की परिधि में।
बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन पर रोक
प्रशासन के आदेश के मुताबिक इन क्षेत्रों में सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी तरह का धरना, प्रदर्शन, घेराव, जुलूस, रैली या आमसभा आयोजित नहीं की जा सकेगी।
हालांकि, कानून-व्यवस्था की ड्यूटी में तैनात सरकारी अधिकारी-कर्मचारी और पुलिस बल, न्यायालय से जुड़े कार्य तथा धार्मिक एवं अंत्येष्टि कार्यक्रम इस आदेश के दायरे से बाहर रहेंगे।
हथियार लेकर चलने पर भी प्रतिबंध
निषेधाज्ञा वाले क्षेत्रों में बिना अनुमति किसी भी तरह के अस्त्र-शस्त्र लेकर चलने पर रोक लगाई गई है। इसमें बंदूक, राइफल, रिवॉल्वर, पिस्टल, बम और बारूद आदि शामिल हैं।
इसके अलावा लाठी-डंडा, तीर-धनुष, गड़ासा, भाला जैसे हरवे-हथियार लेकर चलने पर भी प्रतिबंध रहेगा।
लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के लिए भी अनुमति जरूरी
इन क्षेत्रों में सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना ध्वनि विस्तारक यंत्र यानी लाउडस्पीकर का इस्तेमाल भी नहीं किया जा सकेगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था की ड्यूटी में तैनात सरकारी अधिकारी-कर्मचारी और पुलिस बल पर यह आदेश लागू नहीं होगा।
