
- -बारीडीह कार्यालय में ‘धुन आर्ट एंड म्यूजिक’ का किया उद्घाटन
-विधायक ने गैर व्यावसायिक विद्यालय शुरु करने की भी इच्छा जताई
जमशेदपुर : जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने कहा है कि जो सुर-ताल में समन्वय बिठा लेते हैं, जिनका कंठ उनका साथ देता है, वो जीवन में काफी आगे निकल जाते हैं।
अपने बारीडीह स्थित कार्यालय में ‘धुन आर्ट एंड म्यूजिक’संस्था की ओर से संगीत प्रशिक्षण केंद्र के उद्घाटन समारोह में उन्होंने कहा कि संगीत परमात्मा की तरफ जाने का रास्ता भी है। पश्चिम बंगाल के हर घर में संगीत को विशेष तवज्जो दी जाती है। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण केंद्र के संचालक चंदन संगीत तो सिखाएंगे ही, वाद्य यंत्रों की भी शिक्षा देंगे। वाद्य यंत्रों के बगैर संगीत अधूरा रहता है।
सरयू राय ने कहा कि आज का संगीत अजीब किस्म का है। इसमें न सुर है, न ताल है। सिर्फ आवाज है। इसके बावजूद लोग उस पर झूमते हैं। यही संगीत का चमत्कार है। उन्होंने पुराने जमाने के सुरीले संगीत को भी याद किया।
उन्होंने कहा कि संगीत हम सभी के जीवन का अभिन्न अंग है। संगीत प्रकृति का वरदान है। कोई इंसान ऐसा नहीं, जो गुनगुनाता न हो। यह संगीत की प्राकृतिक विशेषता है। संगीत में सात ही सुर हैं। इन सातों सुरों में ही दुनिया भर का संगीत बना हुआ है। सरयू राय ने उम्मीद जाहिर की कि इस संस्थान के माध्यम से बच्चों का विकास होगा। वो अच्छा संगीत सीखेंगे और अपने उद्देश्य में सफल होंगे।
इसी कार्यक्रम में उन्होंने नर्सरी से कक्षा पांच तक बच्चों/बच्चियों के लिए विद्यालय खोलने की भी बात कही। कहा कि विद्यालय खोलने का लक्ष्य व्यावसायिक नहीं होगा। उनसे बेहद सामान्य शुल्क लिया जाएगा। उन्होंने विकास विद्यालय के विकास सिंह से आग्रह किया कि वह यहां शिक्षादान करें।
कार्यक्रम में स्वर्णरेखा क्षेत्र विकास ट्रस्ट के ट्रस्टी अशोक गोयल, वरिष्ठ समाजसेवी शिवशंकर सिंह, चंदन, विकास सिंह और कार्यालय प्रभारी अशोक कुमार समेत दर्जनों लोग मौजूद रहे।

